क्षेत्र का एक दंपति बरेली निवासी एक गर्भवती महिला को बहला फुसलाकर ले आया। तीन दिन पहले महिला की डिलीवरी कराकर उसका बच्चा और प्रसूता को बेचने की कोशिश की गई, लेकिन महिला के शोर मचा देने से आरोपी दंपति भाग गए। बाद में ग्रामीणों की मदद से महिला ने अपने घर मामले की जानकारी दी। महिला के पति ने यहां पहुंचकर मामले में पुलिस से मदद मांगी, लेकिन पुलिस ने आरोपी से साठगांठ के चलते पीड़ित दंपति की कोई मदद नहीं की। पीड़ित दंपति बरेली लौट गए हैं। उधर, पुलिस ने सिरे से आरोपों को नकारते हुए मामले को फर्जी बताया है।
बंडा क्षेत्र में देह व्यापार और बच्चों की खरीद-फरोख्त की कई बार शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन पुलिस ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की। गांव पसियापुर के लोगों ने बताया कि गोला क्षेत्र का एक युवक अपनी पत्नी के साथ चरनदास कॉलोनी में एक किराए के मकान में रहता है। आरोप है कि दंपति देह व्यापार और बच्चों की खरीद फरोख्त करता है। उसकी संदिग्ध गतिविधियों की कई बार पुलिस से शिकायत भी की गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों ने बताया कि अभी हफ्ता भर पहले युवक अपनी पत्नी के साथ बरेली से एक गर्भवती महिला को बहला फुसलाकर ले आया। तीन दिन पूर्व महिला ने बंडा के सरकारी अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया। फिर आरोपी युवक महिला को अपने घर ले आया और शनिवार शाम को महिला और उसके नवजात बच्चे को दूसरे के हाथ बेचने की कोशिश की। ग्रामीणों के मुताबिक दंपति ने महिला से नवजात को छीन लिया, वहीं महिला को किसी अन्य के हाथ सौंप दिया। जब वह महिला को जबरन घसीटकर ले जा रहे थे तो महिला की चीख पुकार पर सभी लोग घर के आसपास जमा हो गए। इस पर दंपति और दोनों खरीददार महिला और उसके बच्चे को छोड़कर भाग गए। लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने गांव में जाने की जरूरत नहीं समझी।
गांव पसियापुर के लोगों ने महिला को शरण दी और महिला के बताए मोबाइल नंबर पर उसके पति को सूचना दी। सूचना पाकर बरेली के मोहल्ला किला फाटक निवासी महिला का पति बंडा आया और उसे अपने साथ ले गया। मामले की जानकारी होने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी है। आरोपी दंपति किराए के मकान में ताला डालकर फरार है। एसओ राजीव मिश्रा ने मामले की जानकारी से इंकार किया है।