रामस्वरूप की पत्नी रामदेवी की मौत करीब 15 साल पहले हो गई थी। इसके बाद रामस्वरूप ने गांव छोड़ दिया। उन्होंने मुकरमपुर में एक मकान बना लिया था। रामस्वरूप ने मकान में दुकान बनाकर एक छोटी सी परचूनी की दुकान खोल ली थी। रामस्वरूप का इकलौता बेटा महेंद्र गांव में ही अपने परिवार के साथ रहता था। महेंद्र पड़ोस के गांव रधौला में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत है। रामस्वरू प अपनी तीन एकड़ खेती की देखभाल खुद करते थे। वह मुकदमपुर से अक्सर गांव में खेती देखने जाया करते थे।
कर्ज लेकर की थी पौत्र की शादी
रामस्वरूप ने अपने पौत्र उमेश की शादी 22 फरवरी को गांव पुवायां के गांव दुयरिया निवासी युवती से की थी। पुत्र महेंद्र के बेटे उमेश की शादी में रामस्वरूप ने काफी रुपया खर्च किया था। उन्होंने शादी के लिए सूदखोरों से मोटे ब्याज पर कर्जा भी लिया था। रामस्वरूप ने बड़े अरमानों से पौत्र की शादी की थी।
फसल से चुकाना चाहते थे कर्जा
रामस्वरूप को भरोसा था कि वह गेहूं और मसूर की फसल से मिलने वाले रुपयों से अपना कर्जा चुका देंगे। उन्होंने सूदखोरों को फसल कटाई के बाद का समय दे रखा था, लेकिन बीच में हुई बारिश और ओलावृृष्टि ने रामस्वरूप के अरमानों पर पानी फिर गया। पूरी फसल बरबाद होने से उन्हें गहरा धक्का लगा। इसी वजह से रामस्वरूप परेशान रहने लगे थे। बेटे महेंद्र और गांव के कुछ लोगों ने रामस्वरूप को समझाया कि परेशान होने की जरूरत नहीं है। कर्जा चुक जाएगा, लेकिन रामस्वरूप मन ही मन दुखी रहने लगे। रामस्वरूप बारिश के बाद दो-तीन बार गांव आए थे। वह जब भी अपने खेतों की तरफ देखते तो गुमसुम हो जाते थे। कई-कई घंटे तक वह खेत की मेड़ पर बैठकर सोचते रहते थे।
रामस्वरूप की मौत से घर में मचा कोहराम
रामस्वरूप के मकान में गांव कोटाबारी प्राथमिक स्कूल शिक्षिक रामराज और गांव रक्सा के प्राथमिक स्कूल के शिक्षक प्रदीप किराए पर रहते थे। दोनों मकान की दूसरी मंजिल पर रहते थे। सुबह सात बजे दोनों ने फायर की आवाज सुनी तो भागकर नीचे आए, देखा कि रामस्वरूप का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। उनके शव को देखकर रामराज ने महेंद्र को हादसे के बारे में सूचना दी। खबर लगते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन करके शव के पास मिलने तमंचे को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस के मुताबिक तमंचे की जांच कराई जाएगी।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सपा नेता
सपा जिलाध्यक्ष और पालिका चेयरमैन तनवीर खां और पूर्व सांसद मिथिलेश कुमार रामस्वरूप के परिवार वालों को सांत्वना देने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। दोनों लोगों ने रामस्वरूप की मौत पर शोक व्यक्त किया।