रविवार रात पशुशाला में लगी आग से किशोरी की जलकर मौत हो गई, जबकि मृतका के बाबा और दादी आग से गंभीर रूप से झुलस गए। सूचना पाकर तहसीलदार सुशीलचंद्र गुप्ता ने मौका मुआयना कर कहा कि पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दी जाएगी।
गांव कुइयां किरतापुर निवासी मेवाराम रविवार शाम खाना खाने के बाद अपनी पत्नी मीरा देवी और पुत्र मनोज की नौ वर्षीय पुत्री शीतल के साथ घर के बाहर छप्पर के नीचे लेट गए। पास में ही मेवाराम की पशुशाला है। पशुओं को मच्छरों से बचाने के लिए अलाव जलाकर धुंआ किया गया था। रात में अलाव की आग से पशुशाला में आग लग गई। इसके बाद आग ने उस छप्पर को चपेट में ले लिया, जिसमें मेवाराम सो रहे थे। आग लगने की जानकारी मेवाराम को नहीं हो सकी। जलता हुआ छप्पर दंपति और पौत्री के ऊपर आ गिरा तो शोर शराबा होने पर गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंचे और जलता हुआ छप्पर हटाकर मेवाराम, मीरा और शीतल को बाहर निकाला।
घायलों को तत्काल पुवायां के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने शीतल को मृत घोषित कर दिया। मेवाराम और मीरा देवी की हालत भी गंभीर बनी हुई है। आग से तीन पशु भी गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
सोमवार को तहसीलदार सुशीलचंद्र गुप्ता ने लेखपाल के साथ मौका मुआयना किया और घटना के बारे में जानकारी ली। तहसीलदार ने कहा कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार मदद दी जाएगी। घटना से मेवाराम के घर में कोहराम मचा हुआ है।
बारिश में ढही दीवार, सास-बहू घायल
मझिगवां/पुवायां। गांव मझिगवां निवासी रामसरन की पत्नी गंगा देवी सोमवार सुबह अपनी बहू राजवती के साथ घर का काम कर रही थीं। बारिश के कारण उनके घर की कच्ची दीवार अचानक ढह गई। दीवार पर पड़ी टीन सास बहम के ऊपर आ गिरी, जिससे दोनों घायल हो गईं। घायलों को मझिगवां में निजी डॉक्टर के यहां भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत ठीक बताई जाती है।