- जोगिंदर सिंह के बेटे की ओर से दायर की गई थी याचिका
- एक जून 2016 को आवास विकास कॉलोनी स्थित आवास पर संदिग्ध हालात में जल गए थे जोगेंद्र
पत्रकार जोगिंदर सिंह हत्याकांड मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की गुहार सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दी है। याचिका जोगिंदर सिंह के बेटे की ओर से दायर की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने यह देखते हुए इस याचिका का निपटारा कर दिया कि उत्तर प्रदेश पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर निचली अदालत में रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। साथ ही अदालत ने पाया कि क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है और अदालत ने इसे स्वीकार भी कर लिया है।
यहां बता दें कि थाना सदर बाजार क्षेत्र स्थित आवास विकास कॉलोनी में जागेंद्र अपने मकान में रहते थे। जागेंद्र के कोतवाली पुलिस ने एक मामले में जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। इसी मामले में एक जून 2016 को कोतवाली पुलिस जागेंद्र की गिरफ्तारी के लिए उनके आवास विकास कॉलोनी स्थित आवास पर दबिश देने गई थी। दबिश के दौरान जागेंद्र अपने घर के अंदर संदिग्ध हालत में जल गए थे। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां पर उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया था कि राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा के दबाव में पुलिस ने उनके ऊपर पेट्रोल डालकर जला दिया। हालत गंभीर होने पर जागेंद्र को लखनऊ रेफर कर दिया गया था। आठ जून को जागेंद्र की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद जागेंद्र का शव उनके पैतृक घर खुटार ले जाया गया। अंतिम संस्कार की तैयारियां हो गई थी, तभी अचानक जागेंद्र के परिवार वाले इस बात पर उड़ गए थे कि मंत्री राममूर्ति वर्मा के खिलाफ जागेंद्र की हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। काफी हंगामे के बाद पुलिस मंत्री समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद जागेंद्र के शव का अंतिम संस्कार किया गया था। इस मामले में जागेंद्र के परिवार वालों ने सीबीआई जांच की मांग की थी