- मोहल्ला बाबूनगर में सिर पर तमंचा सटाकर मारी गई गोली
- छत पर सोया था शैलेंद्र, वारदात से इलाके में सनसनी
- मौके पर डॉग स्क्वायड, लेकिन हत्यारों का सुराग नहीं
- हत्या की वजह साफ नहीं, कई पहलू जांच रही पुलिस
सोमवार तड़के नगर के मोहल्ला बाबूनगर की घनी आबादी के बीच स्थित मकान की छत पर सो रहे रिटायर्ड शिक्षक के युवा पुत्र की अज्ञात हमलावरों ने सिर के पीछे गोली मारकर हत्या कर दी। खास बात यह कि घर में सो रहे घरवालों को घटना की जानकारी सुबह हो सकी। इस वारदात का पता लगते ही मोहल्ले में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस भी जांच पड़ताल में कोई ऐसा क्लू हासिल नहीं कर सकी, जिससे घटना की वजह का पता लग सकता। एसपी देहात रमेश भारतीय ने भी मौके पर जांच पड़ताल कर घरवालों के बयान लिये। उक्त मामले में मृतक के पिता की ओर से हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
मूल रूप से गांव अतरी निवासी कन्हैया लाल मिश्र बीते कई सालों से परिवार समेत उक्त मोहल्ले में मकान बनाकर रह रहे थे। बीती रात करीब 12 बजे उनका बड़ा लड़का शैलेंद्र मिश्र उर्फ टक्कर (30) घर में आया और छत पर सोने चला गया, जबकि घर के अन्य सभी सदस्य नीचे सोये हुए थे। घरवालों के अनुसार तड़के करीब तीन बजे उन्हें गोली चलने जैसी आवाज सुनाई दी, परंतु उन लोगों ने ध्यान नहीं दिया। सुबह छह बजे शैलेंद्र की मां जब छत पर पहुंची तो बेटे की चारपाई के नीचे खून बहता देख उनकी चीख निकल गई, जिसे सुनकर घर के अन्य लोग और पास पड़ोस वाले वहां जा पहुंचे। देखा कि शैलेंद्र के सिर के पीछे तमंचे से सटाकर गोली मारी गई थी।
सूचना पाकर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। एसपी देहात के साथ सीओ जलालाबाद भी पहुंचे। डॉग स्क्वायड को बुलाया गया, लेकिन हमलावरों के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। कत्ल की वजह भी तत्काल साफ नहीं हो पाई है। जवान बेटे की हत्या से परिवारजनों का रो - रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और रिपोर्ट दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
घरवालों से शैलेंद्र के रिश्तों में थी तल्खी
जलालाबाद। ब्रांडेड कपड़े पहनना, बॉडी बिल्ंिडग में खासी रकम जाया करना और दिन भर बाइक से घूमना शैलेंद्र का बचपन से शौक रहा। इसके अलावा भी एक दो अन्य आदतें ऐसी थीं जिनपर घरवालों को ऐतराज था। मृतक के दो भाई और छह बहनें हैं। पिता के रिटायर होने के बाद घर की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में जब दिक्कतें आईं तो पिता ने शैलेंद्र के खर्चों में कटौती शुरू की। बताते हैं कि उसके बाद से उसके घरवालों से रिश्ते तल्ख होते चले गये और काफी दिनों से शैलेंद्र घर में किस समय आता-जाता था घर के लोग ज्यादा मतलब नहंीं रखते थे। बताते हैं कि बीती रात भी शैलेंद्र के घर आने पर घरवालों से उसकी कोई बात नहीं हुई।
दो से ज्यादा रहे होंगे हमलावर
जलालाबाद। अविवाहित शैलेंद्र शरीर से इतना बलवान था कि एक दो लोग उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते थे। इससे हमलावर भी अनजान नहीं रहे होंगे। इसके बाद भी उसका एक ही गोली में काम तमाम कर देना हमलावरों की फुल प्रूफ प्लानिंग का नतीजा था। यही नहीं, मौके पर किसी भी तरह की गुत्थमगुत्था होने के संकेत नहीं मिले हैं और न ही आसपास कोई भी संदिग्ध वस्तु। आसपास की कई छतें आपस में मिली होने के कारण अनुमान है कि हमलावर वहीं आसपास किसी छत से होकर वहां पहुंचे और घटना को अंजाम देने के बाद निकल गये।
हत्या की वजह साफ नहीं हो पाई है। मृतक की किसी से रंजिश या विवाद की बात भी सामने नहीं आई है। जवान बेटे की मौत से शोकाकुल परिवारजन कुछ भी बताने की दशा में नहीं हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और केस दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी गई है। अगले कुछ दिनों में खुलासा होने की उम्मीद है।
- उमेश शर्मा, सीओ जलालाबाद