रेलवे स्टेशन के पास से शनिवार की रात गिरफ्तार किए गए ठगों के गिरोह के सरगना फौजी की तलाश में पुलिस टीमें लग गई। ठगी के शिकार जावेद की तहरीर पर थाना सदर बाजार पुलिस ने मामले धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पीलीभीत की बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गयासपुर निवासी जावेद अहमद ने बताया कि रकम दोगुनी करने के ठगों के झांसे में आकर 30 जुलाई उनके बताए एकाउंट में 50 हजार रुपये डाले थे। रुपये डालने बाद ठगों ने बातचीत करना बंद कर दी थी। जावेद ने अपने साथ हुई ठगी की जानकारी अपने रिश्तेदारों को दी। इसके बाद रिश्तेदारों ने ठगों के मोबाइल पर संपर्क कर सोना दोगुना करने की बात कहीं। ठगों का गिरोह उनके झांसे में आकर रेलवे स्टेशन के पास आ गया। वहां पहले से जाल बिछाए बैठे जीआरपी ने गिरोह के चार सदस्यों को दबोच लिया, जबकि गिरोह का सरगना मौके से फरार हो गया। मामले सदर क्षेत्र का होने की वजह से जीआरपी सदर पुलिस को सूचना देकर बुला लिया और चारों ठगों को उनके हवाले कर दिया। पुलिस गिरफ्त में आए चार में तीन ठग जनपद जालौन के हैं, जिनमें थाना कोटरा क्षेत्र के मोहल्ला गांधीनगर निवासी रमेश, थाना एट क्षेत्र के गांव भिटारा निवासी मुकेश और थाना उरई क्षेत्र के मोहल्ला राजेंद्र नगर मनोज हैं, जबकि फतेहपुर के थाना मुसेपुर क्षेत्र के गांव ललौली निवासी अकरम हैं। वहीं गिरोह का सरगना फौजी फरार है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ जावेद की तहरीर पर धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि गैंग के सरगना फौजी की तलाश में जुटी है। पुलिस पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने बताया कि फौजी तांत्रिक हैं। वह लोग उसके कहने पर ही लोगों को झांसे में फंसाते थे।
लालच देकर बनाते थे ठगी का शिकार
पुलिस पूछताछ में ठगों गिरोह ने बताया कि वह पहले किसी को अपने झांसे में फंसाने के लिए छोटी रकम या सोने की गहने को डबल कर दिया करते थे। जिससे झांसे में आकर वह व्यक्ति मोटी रकम या ज्यादा जेवर लेकर उनके पास आता था। इसके बाद वह दोगुने होने के लिए एक-दो दिन का समय मांगते थे और फिर गायब हो जात थे। इस तरह से उन्होंने काफी लोगों को अपना शिकार बनाया है। पुलिस पकड़े ठगों की उनके जिलों से क्राइम हिस्ट्री निकलवा रही है।