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भूकंप की तीव्रता से जानलेवा बन सकते हैं जर्जर भवन

Sat, 25 Apr 2015 11:08 PM IST
शाहजहांपुर।
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शनिवार को आए भूकंप ने शहर की जर्जर हो चुकीं दशकों पुरानी इमारतों को खतरों के दायरे में समेट लिया है। मुगलों के बसाए शहर में उस जमाने की कई बिल्डिंग गिरताऊ हालत में हैं। बावजूद इसके वक्फ संपत्तियों में शुमार ऐसे भवनों में लोग रिहाइश बनाए हुए हैं। किराए के जर्जर भवनों में चलाए जा रहे बेसिक स्कूलों के बच्चों पर भी खतरा गहराने लगा है। माना जा रहा है कि भविष्य मेें ज्यादा तीव्रता का भूकंप आया तो यह सारी बिल्डिंग भयावह हादसे का सबब बन जाएंगी।
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इन भवनों के अस्तित्व
पर मंडरा रहा खतरा
शहर में ऐतिहासिक महत्व की जली कोठी रहने के काबिल नहीं है। डाट वाली छतों का चूना मिश्रित मसाले से किया गया प्लास्टर छतों और दीवारों से छूटकर नीचे गिर रहा है। बावजूद इसके वहां सेवायोजन कार्यालय और एलआईसी दफ्तर कायम है। वक्फ संपत्ति में शामिल सदर बाजार की हाजी बिल्डिंग का भी यही हाल है, लेकिन मामूली किराए के लोभ में वहां कई परिवार जान की बाजी लगाकर रह रहे हैं। बहादुरगंज मेन मार्केट में चहुंओर दुकानों से घिरा मकबरा, बालकों के राजकीय छात्रावास वाला पुराना डीआईओएस दफ्तर, चौक का गांधी पुस्तकालय और निगोही रोड पर सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के भवन भी भुतहा हो गए हैं। यह हाल तक है जब शहर के बीच कटिया टोला में कई साल पहले आर्य महिला इंटर कालेज के दूसरे माले की दीवार ढहने से कई छात्राएं घायल हो चुकी हैं।


जान जोखिम में डालकर
हो रहा पठन-पाठन
नगर क्षेत्र में किराए के जर्जर भवनों में संचालित हो रहे करीब एक दर्जन स्कूलों में पंजीकृत बच्चे मौत के साए में पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश विद्यालयों को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग विद्यालय के अध्यापक और मकान मालिक दोनों कर चुके हैं। इन जर्जर भवनों में मामूली बारिश होने पर बैठना मुश्किल होता है, ऐसे में वहां पर शिक्षण कार्य कराना जान की बाजी लगाने जैसा है। प्राइमरी स्कूल रंगीन चौपाल और तारीन टिकली, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय खलीलशर्की प्राइमरी स्कूल घूरन तलैया और भारद्वाजी द्वितीय के भवन कब ढह जाएं, कुछ कहा नहीं जा सकता।
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पालिका के पास गिरताऊ
भवनों का नहीं कोई रिकार्ड
मकानों की सूची के आधार पर गृह कर और जल कर की वसूली करने वाली नगरपालिका परिषद के पास गिरताऊ भवनों का कोई रिकार्ड नहीं है। पालिका अधिशासी अधिकारी मुनेंद्र सिंह चौहान इस तथ्य को बिना किसी लाग-लपेट के स्वीकार भी करते हैं। ईओ चौहान का कहना है कि किसी किराएदार अथवा पड़ोसी से ऐसी बिल्डिंग से खतरे के बारे में शिकायत मिलने पर भवन स्वामी को नोटिस देकर स्पष्टीकरण लेने का प्रावधान है, लेकिन हाल-फिलहाल इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली।

भूकंप की सटीक भविष्यवाणी नहीं संभव
‘वैज्ञानिक प्रगति के बावजूद भूकंप की सटीक भविष्यवाणी संभव नहीं है, लेकिन सुरक्षा उपाय अपनाकर इससे होने वाली जनहानि से बचाव संभव है। आज भूकंप के दौरान रिक्टर स्केल पर कंपन की तीव्रता 7.9 मापी गई। इससे अधिक तीव्रता का भूकंप शहर में मुगल काल की इमारतों पर कहर ढा सकता है। संबंधित अधिकरियों को इस दिशा में सचेत होने की जरूरत है।’
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-डॉ. इरफान ह्यूमन, निदेशक, विज्ञान संस्था रिसर्च
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