बंथरा डिपो के निकट तेल के खेल को लेकर पुलिस कप्तान की सख्ती भी माफिया के कद के आगे बौनी साबित हो रही है। इतना ही नहीं छापेमारी के नाम पर खाकी के डंडे की कीमत हर छापे के बाद दूनी चौगुनी होती जा रही है।
मजे की बात तो यह है कि पुलिस को इस बाबत शिकायत करने पर कोई कार्रवाई होने के बजाय शिकायतकर्ता को ही हड़काया जाता है। गांव दलेलापुर निवासी एक युवक का कहना है कि 25 दिसंबर को गांव के ही आधा दर्जन बाइक सवारों ने तेल चोरी को लेकर पुलिस की मुखबिरी के शक में पहले उससे जमकर मारपीट की। विरोध करने पर बाइक सवारों ने शाम के समय आधा दर्जन से अधिक फायर किए। इसकी सूचना एसपी को भी दी गई है, जबकि तेल के खेल से जुड़े दबंगों ने पुलिस से मिलकर तिलहर कोतवाली में उसके खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने शिकायतकर्ता को खबर भेजे जाने तक कोतवाली में बिठा रखा था। ग्रामीणों ने फायरिंग तथा मारपीट की पुष्टि की है।