सेंट्रल जेल बरेली में कैदियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए मंगलवार को जेल के बंदियों ने विरोध शुरू कर दिया। इसी के चलते मिलाई करने आए बंदियों के परिवार वालों को मिलाई कराने से मना कर दिया गया। इसके विरोध में बंदियों के परिवार वालों ने जेल गेट पर जाम लगा दिया और जेल प्रशासन के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में जेल अधिकारियों ने मामले को शांत कराया।
सेंट्रल जेल बरेली में कैदियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए सुबह से ही जेल के बंदियों ने विरोध शुरू कर दिया था जिसके चलते जेल प्रशासन ने बंदियों से मिलने आए उनके परिवार वालों से मिलाई नहीं करवाई। जेल अधिकारी जेल में बंदियों को मनाने में लगे हुए थे। इसी बीच मिलाई नहीं होने से आक्रोशित बंदियों के परिवार वालों ने जेल गेट पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। जेल गेट पर जाम लगने की सूचना पर थाना सदर बाजार और टीएसआई आलोक मिश्रा मौके पर पहुंच गए। जेल अधिकारियों ने बंदियों के परिवार वालों को समझाकर मामला शांत किया।
हड़ताल के समर्थन में बंदियों ने दिया ज्ञापन
सेंट्रल बरेली में कैदियों हड़ताल के समर्थन में जिला जेल के बंदियों ने जेल अधीक्षक ब्रिजेंद्र सिंह यादव को एक ज्ञापन दिया। जिसमें मांग की गई कि अन्य प्रदेशों में लागू आजीवन कारावास की सजा को 14 वर्ष की अवधि पर सीमित करके बंदी को रिहा किया जाए, शाहजहांपुर को संवेदनशील जिले के स्तर से हटाकर सामान्य जनपद में परिवर्तित किया जाए ताकि छोटे-मोटे केसों में जमानत स्थानीय न्यायालयों में हो सके। इसके साथ ही बंदियों ने मुलाकात का समय बढ़ाए जाने की मांग की है।
बंदियों ने सेंट्रल जेल के कैदियों के समर्थन में अपना ज्ञापन दिया है, जिसे डीआईजी और मुख्यालय के मार्फत शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा। हड़ताल जैसी कोई बात नहीं हुई है। - ब्रजेंद्र सिंह यादव, जेल अधीक्षक