थाना अल्हागंज क्षेत्र के गांव ठिंगरी में रहने वाले 45 वर्षीय बालकराम का शव गांव के बाहर खेत में पड़ा मिला। मृतक के सीने पर चोट के निशान और कान से खून बह रहा था। बालकराम के परिवार वालों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सिर में चोट लगने से होना बताई गई है।
गांव ठिंगरी निवासी छोटेलाल के बेटे बालकराम तांगा चलाकर परिवार का गुजारा करते थे। परिवार वालों के मुताबिक मंगलवार की शाम को बालकराम तांगा चलाकर आए और खाना खाने के बाद घर में सो गए। बुधवार की सुबह गांव के चौबे ने रघुवीर के गन्ने के खेत में बालकराम का शव पड़ा देखा तो परिवार वालों को सूचना दी। गांव में खबर फैलते ही लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। मृतक के भाई श्रीपाल के मुताबिक बालकराम के सीने पर चोट के निशान थे और कान से खून भी बह रहा था। बालकराम की हल्की सांसे चलते देखकर परिवार वाले उन्हें सीधे जलालाबाद अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ राजेश कुमार के मुताबिक मृतक के परिवार वालों ने कोई सूचना नहीं दी। वह बालकराम को सीधे जलालाबाद अस्पताल ले गए थे। वहां से मेमो आने पर घटना की जानकारी हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
0000
बालकराम की पत्नी थी अपने मायके में
बालकराम की पत्नी बिटुल्ला देवी हरदोई के थाना बेहटा गोकुल क्षेत्र के गांव हुसैनापुर में गई हुई थी। करीब एक सप्ताह पहले उनकी मां कुएं में गिर गई थी। पति की मौत की खबर सुनकर वह बदहवास हो गई। मायके वाले उन्हें अपने साथ ठिंगरी ले आए हैं। मृतक के दो बेटे रिंकू और विकास चार बेटियां रूबी, उमा, रिशा और अंजलि हैं। बालकराम की मौत से घर में कोहराम मच गया है।