डेढ़ माह पूर्व हुए गर्भपात के बाद गर्भ में हुए इनफेक्शन से महिला की शनिवार को मौत हो जाने पर नाराज परिवारजनों से डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए थाने के सामने प्रदर्शन किया। क्षेत्र के एक राजनेता के हस्तक्षेप के बाद डॉक्टर से समझौता होने के बाद परिवारजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को ले गए। बताया जा रहा है कि करीब 50 हजार रुपये में समझौता हुआ।
जैतीपुर थाना क्षेत्र के गांव नवादा निवासी लाल सिंह ने छत्तीसगढ़ निवासी 30 वर्षीय सुमन लता से शादी की थी। कुछ माह पूर्व सुमन गर्भवती हुई और जांच में डॉक्टर ने गर्भस्थ भ्रूण को बेकार पाया तो गर्भपात की सलाह दी। डेढ़ माह कटरा के गांव खैरपुर के एक डाक्टर से उसका गर्भपात कराया और कुछ दिन पूर्व उसकी हालत खराब हो गई। उसे तिलहर के एक प्राइवेट नर्सिंग में दिखाया गया जहां डॉक्टरों ने उसके पेट में इन्फेक्शन फैलने की बात कही और फिर रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में ले जाकर उपचार कराया लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
तब फि र परिवारजन उसे खैरपुर वाले डाक्टर को दिखाने को शनिवार को आ रहे थे तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। नाराज परिवारजनों ने कटरा थाने के बाहर शव रखकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि यहीं वाले डॉक्टर की लापरवाही से मौत हुई है। गांव के ही एक नेता ने दोनों पक्षों में वार्ता कराई और लाल सिंह को 50 हजार रुपये दिलवाकर समझौता कराया। एसपी देहात शिवराम यादव ने कहा कि घटना की जानकारी मिली लेकिन परिवारजनों की ओर से शिकायत न दर्ज कराने के चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिवारजन यदि शिकायत दर्ज कराएं तो बाकायदा जांच कराकर दोषी के खिलाफ संपूर्ण विधिक कार्रवाई की जाएगी।