कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खलील शर्की में बुधवार को अपने घर में एक साथ फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाली मां-बेटी का बृहस्पतिवार को फर्रुखाबाद के घटिया घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मोहल्ला खलील शर्की में रहने वाले तेल और परफ्यूम व्यापारी प्रमोद गुप्ता की 63 वर्षीय पत्नी विनोदनी गुप्ता तीन साल पहले जीआईसी इंटर कॉलेज से शिक्षक पद से रिटायर हुईं थीं। उनकी 31 वर्षीय बेटी बिंदिया गुप्ता ददरौल ब्लाक के कुतुआपुर पूर्व माध्यमिक स्कूल में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत थीं। बुधवार को दिन में करीब चार बजे प्रमोद गुप्ता केरूगंज स्थित अपनी दुकान पर चले गए थे। शाम सात बजे वह घर वापस आए तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। बाद में वह अपने पास रखी चाबी से दरवाजा खोलकर घर के अंदर गए तो पत्नी और बेटी का शव आंगन में लोहे की जाल में साड़ी से लटक रहे थे। यह देखकर वह जोर से चीख पड़े उनकी आवाज सुनकर मोहल्ले वाले आ गए। सभी ने साड़ी काटकर शव उतार लिए। खबर फैलते ही उनके पहचान वालों की भीड़ घर पर इकट्ठी हो गई। रात करीब दस बजे कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस छानबीन शुरू कर दी। प्रमोद गुप्ता ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। पुलिस ने पंचनामा भर शव उन्हें सौंप दिए। सुबह एक साथ मां-बेटी के शव का फर्रुखाबाद के घटियाघाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
सुसाइड नोट में खुद को जिम्मेदार ठहराया
कोतवाल केके तिवारी के मुताबिक घर में मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि वह दोनों ने अपनी मौत के खुद जिम्मेदार है। फांसी लगाने से पहले बिंदिया ने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी, इससे लगता है कि वह अपनी मां को फांसी पर लटकते हुए नहीं देखना चाहती थी। घटनास्थल देखने से लगता है कि दोनों ने एक साथ गले में फंदा लटके थे।