अटसलिया-कैंट संपर्क मार्ग पर बेकाबू ट्रक ने दो बाइक सवारों को रौंद दिया। दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक युवक रोजा कस्बे के निवासी हैं। पुलिस ने दोनों युवकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। चालक, ट्रक को मौके पर छोड़कर फरार हो गया है। हादसे के बाद से मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है।
यह वाक्या रोजा थाना क्षेत्र के अटसलिया से कैंट संपर्क मार्ग पर मीनाक्षी धर्मकांटे के पास का है। रविवार की दोपहर करीब एक बजे रोजा कस्बे की रेलवे कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय अमित मांझी पुत्र शंकर मांझी अपने बचपन के दोस्त 20 वर्षीय जीवेश नन्दन पुत्र दौलतराम के साथ बाइक से घर के निर्माण के लिए ईंटों का भुगतान करने मोहम्मदी मार्ग स्थिर्त इंट भट्टे पर गए थे।
जब बाइक मीनाक्षी धर्मकांटे के पास पहुंची, तभी टूटी पुलिया के पास एक ट्रक ने ओवरटेक करने के प्रयास में बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। इससे बाइक सवार दोनों दोस्त ट्रक के पहिए के नीचे आ गए। ट्रक दोनों को रौंदता हुआ आगे बढ़ गया। थोड़ी दूर पर चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया।
दुर्घटना की खबर सुनते ही जीवेश और अमित के घरवाले मौके पर गए पुलिस भी पहुंच गई। कुछ समय के लिये यातायात बाधित हो गया, जिसे पुलिस ने बमुश्किल बहाल कराया। दोनों दोस्तों के शवों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में लिया है। इस मामले में मृतकों के परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
दो दोस्तों की मौत से रोजा
कस्बे में पसरा सन्नाटा
रोजा। सड़क दुर्घटना में काल के गाल में समाए अमित और जीवेश गहरे दोस्त थे। दोनों ने साथ-साथ स्नातक किया, अब कौशल विकास योजना के अंतर्गत आईटीआई भी कर रहे थे। दोनों युवाओं में जोश था। वह पुलिस अथवा आर्मी में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहते थे इसके लिये हथौड़ा के स्टेडियम में रोज ही सुबह पसीना बहाते थे। अमित के पिता शंकर माझी रेलवे में मालगाड़ी के चालक हैं, जो इन दिनों अस्वस्थ्य चल रहे हैं, जबकि जीवेश के पिता दौलतराम आली ज्ञानदीप इंटर कॉलेज में अध्यापक हैं। दोनों का स्वभाव सरल था, जिसको लेकर उनकी मौत के बाद लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले। जीवेश की मां गीता और अमित की मां लालमुनि देवी बेटों की मौत से गहरे सदमे में हैं। इतना ही नहीं पूरा कस्बे इन होनहारों की मौत से गमजदा दिख रहा है।
कैंट मार्ग की टूटी पुलिया
बनी काल का सबब
- पिछले साल करोड़ों की लागत से हुआ था जीर्णोद्धार
अमर उजाला ब्यूरो
रोजा। अटसलिया-कैंट संपर्क मार्ग पर टूटी पुलिया लोगों के लिए काल का सबब बनी हुई है। यह वही पुलिया है जिसने दो होनहारों को समय से पहले विलुप्त कर दिया है।
बता दें कि इन दिनों रेलवे के क्रासिंग संख्या 320 मोहम्मदी फाटक पर ओवरब्रिज बनने के कारण रूट को डायवर्ड किया गया है। मोहम्मदी की ओर आने व जाने वाले लोगों के लिए कैंट रोड ही सहारा है।
यद्यपि इस मार्ग का निर्माण 2014 में पूरा कराया गया था, लेकिन घटिया सामग्री के चलते रोड जगह-जगह से टूट गया है। मीनाक्षी धर्मकांटे के पास बनी पुलिया टूटी हुई है, जिसके साइड की दीवारें टूट गई हैं। सड़क के किनारे की मिट्टी भी धंस गई है, जो आए दिन दुर्घटना का सबब बनती है।
यह वह स्थान है जहां साल भर पहले राइस मिलर की सड़क हादसे में मौत भी हो चुकी है। अब मोहम्मदी जाने का रूट डायवर्ट होने से यातायात बढ़ने के साथ हादसे भी बढ़े हैं। कहने को तो सेना को कैंट जाने के लिए यह मार्ग बनाया गया है, लेकिन उसके रखरखाव पर जिला प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।