पुलिस लाइंस के पीछे बरामद हुए मोनिका यादव के शव का पोस्टमार्टम भी उसकी मौत का राज नहीं खोल पाया। रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने से मामला और उलझ गया है। उधर, मृतका के परिवार वालों ने सोमवार को पुलिस लाइंस में जमकर हंगामा किया। परिवार वालों की मांग थी कि कैंट चौकी प्रभारी को बर्खास्त किया जाए। हंगामे की सूचना पर एसपी सिटी एपी सिंह, सीओ सिटी अवीश्वर चंद्र श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल पुलिस लाइंस पहुंच गया। अधिकारियों ने कैंट चौकी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
पुलिस लाइंस में फालोअर हरिनाम सिंह यादव की 14 वर्षीय बेटी मोनिका यादव सात अगस्त की सुबह गायब हो गई थी। रविवार की शाम मोनिका शव पुलिस लाइंस के पीछे नाले में मिला था। परिवार वालों ने मोनिका की हत्या का आरोप पुलिस लाइंस के एक लड़के पर लगाया था। मोनिका की मोबाइल कॉल डिटेल के अनुसार गायब होने के दिन राहुल से मोनिका की 60 बार बात हुई थी। जिसमें आखिरी कॉल छह अगस्त की रात 1.18 बजे की थी।
कैंट चौकी प्रभारी ने कॉल डिटेल के आधार पर उस लड़के से पूछताछ की थी, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया था। सोमवार को इसी बात को लेकर मृतका के परिवार वालों ने पुलिस लाइंस में हंगामा शुरू कर दिया था। उनकी मांग थी कि कैंट चौकी प्रभारी को बर्खास्त किया जाए। आरोप था कि अगर चौकी प्रभारी ने समय से आरोपियों को पकड़ लिया होता तो मोनिका की मौत नहीं होती। परिवार वालों ने एसपी सिटी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने कैंट चौकी प्रभारी को पांच लोगों के नाम बताए थे। आरोप है कि कैंट चौकी प्रभारी ने सभी को पकड़ा फिर उसके बाद छोड़ दिया था। इसके बाद आरोपियों ने घर पर आकर धमकी दी थी। चौकी प्रभारी आसिफ अली ने झूठा आश्वासन दिया था कि लड़की बरामद हो गई है। परिवार वालों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मृतका के परिवारवाले जाम लगाना चाह रहे थे, लेकिन अधिकारियों के आश्वासन के बाद उनका गुस्सा शांत हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके में खुफिया पुलिस अपनी नजर बनाए हुए है।
लड़की की मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण बिसरा जांच के लिए भेजा जाएगा। कैंट चौकी प्रभारी के खिलाफ जांच करके कार्रवाई की जाएगी। - अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव, सीओ सिटी