क्षेत्र के नगरिया मोड़ के पास बृहस्पतिवार रात पुलिस टीम ने मुठभेड़ के दौरान इंडियन ऑयल लिखे टैंकर से 34 प्रतिबंधित पशु बरामद किए। इनमें से 17 मौत हो चुकी थी। टैंकर रोकने के दौरान तस्करों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया, जिसमें एसओ नरेंद्र यादव घायल हो गए। पकड़े गए दो तस्करों के पास से जाइलो गाड़ी भी बरामद हुई है।
एसओ नरेंद्र यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार रात वह हमराही एसआई रामनरेश कांस्टेबल बाबूराम, गुलई यादव और बिजेंद्र कुमार के साथ गश्त कर रहे थे, तभी सूचना मिली कि एक टैंकर जलालाबाद मार्ग से प्रतिबंधित पशुओं को लेकर आ रहा है। पुलिस ने खैरपुर चौराहा पर नाकेबंदी कर दी। कुछ देर बाद जलालाबाद की तरफ से एक टैंकर आता दिखा तो पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया लेकिन चालक ने तेज रफ्तार से टैंकर दौड़ा दिया। इस पर पुलिस टीम ने टैंकर का पीछा शुरू कर दिया। अंधेरे का फायदा उठाकर तस्करों ने पुलिस टीम को गुमराह करते हुए टैंकर को जलालाबाद रोड पर बने किसान पेट्रोल पंप पर खड़ा कर दिया। जब पुलिस टीम वहां से गुजर गई तो तस्करों ने टैंकर को फिर आगे बढ़ा दिया। उधर, टैंकर को तलाश करते हुए जब पुलिस टीम जलालाबाद रोड पर लौट रही थी तो ड्राइवर ने टैंकर को जलालाबाद की तरफ मोड़ दिया। रोकने की कोशिश करने पर ड्राइवर ने टैंकर से पुलिस जीप में टक्कर मार दी। इसके बाद तस्कर टैंकर से उतकर फायरिंग करते हुए भागने लगे। जवाब में पुलिस टीम ने भी गोलियां चलाईं और तस्करों को घेर लिया। एसओ नरेंद्र यादव की तस्करों से गुत्थमगुत्था भी हो गई। इसमें वह घायल हो गए।
इस दौरान पुलिस टीम ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए तस्करों ने अपना नाम फरीद निवासी मोहल्ला घेरबख्सी रामपुर और दूसरे ने वसीम निवासी गांव आगाह, अजीमनगर बताया है। उन्होंने बताया कि पशुओं को मध्यप्रदेश के शिवपुरी करेंडा से रामपुर लेकर जा रहे थे। पकड़े पशु तस्करों के विरुद्ध धारा 323, 307, 353, 332, 25 आर्म एक्ट, सात क्रिमनल लॉ एक्ट सहित पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।