अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीएल पुनिया ने कहा कि हरेवा में तालिबानी तरीके से महिलाओं को दंडित किया जाना बेहद शर्मनाक घटना है। उन्होंने हरेवा कांड के लिए पुलिस की ढिलाई को जिम्मेदार मानते हुए कहा सपा सरकार के राज में गुंडागर्दी बढ़ना आम बात है और यह घटना भी बढ़ते गुंडाराज का प्रमाण है।
पुनिया बृहस्पतिवार को हरेवा से लौटकर जिला मुख्यालय पर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे उन्होंने हरेवा की घटना को दुखद बताते हुए कहा कि वहां लड़की भगाने की घटना को भी वह जघन्य अपराध मानते हैं और दोषी युवक पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसकी प्रतिक्रिया के तौर पर बदले की भावना के तहत दलित महिलाओं से तालिबानी सुलूक किया जाना बेहद शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि लड़की भगाने के मामले में कश्यप समाज की रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई होती तो यह घटना नहीं होती। सुबह महिलाओं की बेइज्जती होने के बाद शाम को पुलिस मौके पर पहुंची। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि गांवों में आपसी सद्भाव अधिक होने के बावजूद हरेवा में समाज को शर्मिंदा करने वाली घटना हुई। घटना के बाद एएसपी देहात का निगेटिव रोल भी सामने आया। चूंकि, पीड़ितों ने राजीनामा के लिए धमकाए जाने की शिकायत की है। इसलिए प्रशासन के अधिकारियों विशेषकर एसपी को गांव में पुलिस चौकी कायम कराने के निर्देश दिए हैं।
आयोग अध्यक्ष के अनुसार एसपी ने बताया कि हरेवा में पुलिस चौकी का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। इसके बावजूद जब तक चौकी कायम नहीं हो जाती, वहां पुलिस फोर्स के साथ महिला पुलिस तैनात रखने के निर्देश दिए क्योंकि घटना की आरोपियों में महिलाएं भी शामिल रही हैं। पुनिया ने बताया कि आयोग एएसपी देहात पर कार्रवाई के लिए सरकार से संस्तुति करेगा।
इससे पहले, राज्य महिला आयोग और राज्य अनुसूचित जाति जनजाति के उपाध्यक्ष द्वारा हरेवा के घटनाक्रम में प्रशासन और पुलिस को क्लीन चिट दिए जाने का उल्लेख करने पर पुनिया ने कहा कि सरकार के दबाव में यदि कोई दोषियों का बचाव करेगा तो यह बहुत गलत बात है और आयोग इसे भी अपनी जांच में शामिल करेगा। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर गुंडाराज को दहेज की तरह साथ लेकर आती है। इसी वजह से सपा सरकार में गुंडों को कानून का भय नहीं रह जाता।
विधायक नीरज का व्यवहार भी बताया बेहद खेदजनक
आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुनिया ने बताया कि हरेवा में पीड़ितों से बात करने पर पता चला कि क्षेत्र के बसपा विधायक नीरज मौर्य ने आरोपियों के साथ पीड़ितों के घर जाकर उन्हें धमकाया। उन्होंने पीड़ित महिलाओं के साथ विधायक के रवैये को बेहद खेदजनक और निंदाजनक बताते हुए कहा कि बसपा खुद को दलितों का बड़ा खैरख्वाह बताती है, लेकिन विधायक मौर्य ने ऐसा करके बसपा की असलियत उजागर कर दी है।