शनिवार की शाम हथौड़ा गांव में विवाहिता का शव शनिवार को खिड़की में लगाए गए फंदे से झूलता मिला। मायके वालों ने दहेज के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराना चाहा तो पुलिस ने टरका दिया। शव बीस घंटे तक कमरे में पड़ा रहा। रविवार सुबह जब ससुराल वाले शव को कब्रिस्तान में दफनाने के लिए ले जाने लगे तब रास्ते में पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। इससे हंगामा हो गया और रोके जाने से नाराज लोगों ने शव रखकर सड़क पर जाम लगा दिया। काफी मशक्कत के बाद तहसीलदार सदर ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
इकबाल अहमद निवासी गोपामऊ थाना टड़ियावां जिला हरदोई ने पुलिस को बताया कि उसने अपने बेटी हासिया बेगम (25) की शादी रोजा थाना क्षेत्र के हथौड़ा निवासी सद्दाम हुसैन के साथ ढाई साल पहले की थी। ससुराल वाले हासिया को दहेज के लिये परेशान करते रहते थे। शनिवार को मोहल्ले वालों की सूचना पर जब वह अपनी बेटी के ससुराल पहुंचे तो उसका शव पड़ा पाया। उसके शरीर पर चोटों के निशान हैं। आरोप लगाया कि दहेज की खातिर बेटी की हत्या की गयी और सूचना देने के बाद भी थाने में काफी देर तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
रविवार की सुबह करीब 10 बजे हासिया बेगम के शव को उसका पति सद्दाम, ससुर बन्ने अली और गांव के तमाम लोग दफनाने के लिए कब्रिस्तान ले जा रहे थे। इसी दौरान मृतका के मायके पक्ष के लोगों से विवाद शुरू होने पर माहौल गरम हो गया। विवाद की सूचना पर पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर आपस में उलझे लोगों को शांत कराने और शव को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। इस पर गुस्साये लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
पुलिस की अनदेखी से शव पर सियासत
रोजा। हासिया बेगम की मौत के मामले में पुलिस लापरवाह बनी रही, वहीं वहां हुए विवाद में सियासी लोग दांव खेलने से बाज नहीं आए। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद भी बीस घंटे तक कोई कार्रवाई नहीं की जनाजा निकालने के दौरान शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो दोनों तरफ से दो दलों के सियासतदां पैरोकारी में आ गए। विधानसभा की दावेदारी में जुटे नेता पोस्टमार्टम कराने के पक्ष और विपक्ष में जूझते नजर आए। स्थानीय पुलिस ने हालात से उच्चाधिकारियों को अवगत कराने की जरूरत भी नहीं समझी। इस बीच किसी ने एसपी डा. मनोज कुमार को सूचना दी तो उन्होंने प्रभारी निरीक्षक की क्लास ली और शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। एसपी की क्लास के बाद पुलिस ने पड़ताल किया तो पाया कि हासिया के देवर सज्जाद हुसैन का अप्रैल में विवाह है। ससुराली हासिया से उसके जेवर और पैसों की मांग कर रहे थे। इस पर पति-पत्नी में विवाद और मारपीट हुई। बाद में संदिग्ध हालात में शनिवार शाम को हासिया का शव शव उसी के कमरे में लगी खिड़की में लटकता मिला।
मेरी बेटी को दहेज की लिए मारकर फांसी पर लटकाया गया। कमरे की जिस खिड़की में फांसी लगने की बात कह रहे वहां किसी भी आत्महत्या नहीं की जा सकती। और फिर शरीर पर चोट के निशान कैसे आए। पुुलिस हमारे ऊपर समझौते करने का दबाव बना रही थी। बेटी के ससुराल वालों ने हमारे साथ अभद्रता और मारपीट की।
- इकबाल अहमद, हासिया के पिता
पति-पत्नी में रात कोई बात हुई थी। इसे लेकर हासिया ने फांसी लगा ली। उसे किसी ने नहीं पीटा। लोगों के बहकावे में आकर हासिया के मायके वाले हमें ब्लैकमेल करने के लिए दहेज हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने हमारी सूचना पर शव का पोस्टमार्टम कराया है।
- बन्ने अहमद, हासिया के ससुर
घटना के बाद दोनों पक्ष आपस में समझौता कर रहे थे। हासिया के मायके वालों ने कोई तहरीर नहीं दी है। उसके ससुर की तहरीर पर तहसीलदार सदर की देखरेख में शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। राजनीतिक दलों से जुड़े कुछ लोग दोनों ओर से माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे थे।
- नरेंद्र पाठक, प्रभारी निरीक्षक, रोजा