खोटहीं गांव के लोग पुलिस की दबिश के डर से सहमे हुए हैंं।
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होली के दिन बृहस्पतिवार को रामकोला क्षेत्र के खोटहीं में दो पक्षों में मारपीट के बाद पुलिस के साथ भी संघर्ष हो गया था। इसमें एसओ की तहरीर पर 23 नामजद और ढाई सौ अज्ञात लोगों पर केस दर्ज हुआ था।
इसके बाद से शुरू हुई पुलिस की दबिश से लोग सहमे हुए हैं। अधिकांश युवाआें और पुरुषों ने गांव छोड़ दिया है। घटना के चाौथ्ाे दिन रविवार को भी गांव में सन्नाटा रहा। मवेशी चारे के लिए परेशान हैं। डर के मारे जो लोग गांव में हैं भी वे भी घरों में दुबके हुए हैं।
खोटही संघर्ष के मामले में पुलिस ने अब तक दस लोगाें को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि शनिवार की रात से पुलिस की तरफ से किसी की गिरफ्तारी न होने की बात कही जा रही है, फिर भी पुलिस की कार्रवाई के डर से लोग घरों के लिए लौटने में डर रहे हैं।
अब भी कई घराें में ताले लटक रहे हैं। इन परिवारों में ज्यादातर किसान और मजदूर तबके के लोग हैं, जिनकी आजीविका दिहाड़ी पर निर्भर हैं। मवेशियाें के लिए भी चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। मालती, लाची, कौशल्या, सुमित्रा, सुनैना का कहना है कि पुलिस के डर से कई घराें के लोग वापस नहीं आ रहे हैं।
उन्हें डर है कि दोषियाें के विरुद्ध कार्रवाई के नाम पर पुलिस कहीं उन्हें न पकड़ ले जाए। जबकि एसओ सौदागर राय का कहना था कि इस मामले में दोषियों को चिह्नित किया जा रहा है। निर्दोष लोगाें को परेशान नहीं किया जाएगा।