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एसपी के समझाने पर दंपति ने टाला रात का सत्याग्रह

Wed, 27 May 2015 11:33 PM IST
शाहजहांपुर
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अपहृत बेटी की बरामदगी के लिए सवा दो साल से अधिक समय से कलेक्ट्रेट में सत्याग्रह पर डटे बिजलीपुरा के दंपति ने एसपी बबलू कुमार के समझाने पर रात में भी सत्याग्रह जारी रखने की जिद छोड़ दी। इससे पहले, एसपी ने दंपति का शुरू से साथ दे रहे शोषित समाज मोर्चा के पदाधिकारियों से वार्ता करके उन्हें 15 दिन में पूजा अपहरण केस वर्कआउट कराने का भरोसा दिया।
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बिजलीपुरा के रहने वाले रिक्शा चालक अशोक भोजवाल और आशा ने अपहृत बेटी पूजा का सुराग लगाने के लिए प्रमुख सचिव अनिल कुमार से लेकर डीएम, एसपी आदि अफसरों से कई बार गुहार लगाई। प्रशासनिक फेरबदल में अफसर बदलते रहे, लेकिन पूजा का कोई सुराग नहीं लगा। लिहाजा दंपति का सत्याग्रह जारी रहा। दंपति के कलेक्ट्रेट में जमे रहने से अफसरों को अपनी किरकिरी होती दिखी तो उन्हें वहां से खदेड़ने की साजिशें होने लगीं। होमगार्ड के दो जवानों की ओर से पिछले दिनों दंपति की पिटाई अफसरों की इसी कोशिश का नतीजा मानी गई। दंपति फिर भी सत्याग्रह पर डटा रहा। एसपी ने बुधवार को मोर्चा पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया। इस मौके पर मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष इसहाक मोहम्मद और महासचिव फकीरे लाल भोजवाल ने साफ कहा कि आश्वासन पहले भी मिले, इसलिए क्या गारंटी कि पूजा मिल जाएगी।
एसपी बबलू कुमार ने जौनपुर में तैनाती के दौरान लड़कियों के अपहरण के 80 केस सुलझाने का हवाला देते हुए कहा कि हरेवा कांड का निस्तारण होने के बाद अब पूजा केस पर ध्यान देकर 15 दिन में केस वर्कआउट कर दिया जाएगा। मोर्चा के पदाधिकारियों ने वायदे के अनुरूप मामले में प्रगति नहीं होने पर फिर से दंपति के साथ रात में सत्याग्रह शुरू कर देने की चेतावनी दी। एसपी से वार्ता में कालूराम रावल, दौलतराम आर्य, लुकमानुद्दीन, बन्ने मियां आदि शामिल रहे।
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ये लो अपना राशन, नहीं चाहिए इमदाद!
थाना सदर बाजार के प्रभारी निरीक्षक जेपी तिवारी ने दंपति की गरीबी पर तरस खाकर दो दिन पहले पूजा की मां को कलेक्ट्रेट से घर भिजवाने के साथ खाना पकाने के लिए आटा-चावल आदि खाद्य सामग्री भी दी थी। अफसरों का रवैया देख आशा ने राशन की गठरी सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के लिपिकों को सौंपते हुए कहा- ये लो अपना राशन, हमें नहीं चाहिए अफसरों से खाने-पीने की कोई मदद।
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