जलालाबाद के मोहल्ला कानून गोयान से छह माह पहले अपहृत हुए छात्र राहुल का पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है। छात्र के पिता किसी अनहोनी की आशंका के चलते पुलिस अधिकारियों का चक्कर लगा रहे हैं, जबकि अपहरण के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
मोहल्ला कानून गोयान में रहने वाले मनोज मिश्रा का 22 वर्षीय बेटा राहुल मिश्रा बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह 28 जुलाई 2015 को मां ममता देवी से याकूबपुर चौराहा स्थित बालाजी के मंदिर जाने के लिए घर से कहकर निकाला था। मामले में दो अगस्त 2015 को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पुलिस इस मामले में राहुल का कोई सुराग नहीं लगा पाई थी। 31 अगस्त को 2015 को मनोज मिश्रा की तहरीर पर मोहल्ला ब्रहम्मनान खेड़ा रवि पांडेय, सीपू पांडेय, मढ़ीनाथ, अभिषेक, ड्राइवर मोने के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें आरोप था कि राहुल के गायब होने से चार महीना पहले मढ़ीनाथ की साजिश पर मोहल्ले के रवि पांडेय और सीपू पांडेय ने राहुल की पिटाई कर दी थी। जिसकी शिकायत करने पर पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन आरोपी रंजिश मानने लगे थे। राहुल के अपहरण में आरोप लगाया गया था कि घटना के दिन अभिषेक की कार में रवि, सीपू, मढ़ीनाथ और ड्राइवर मोने ने राहुल का अपहरण कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने 31 अगस्त को पांचों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन पुलिस ने किसी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। राहुल के पिता मनोज उसकी बरामदगी के लिए पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। इस मामले में इंस्पेक्टर जलालाबाद यतेंद्र भारद्वाज ने बताया कि नामजद किए गए पांचों आरोपियों से पूछताछ की गई थी। इसमें राहुल के अपहरण की कोई ठोस वजह सामने नहीं आई थी, इसलिए इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।