चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सिंजई में मकान के अंदर कमरे में सोई वृद्धा की बृहस्पतिवार रात संदिग्ध हालात में आग लगने से मौत हो गई। सौ नंबर पर सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस के सामने कमरे का दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला गया। तसल्ली के लिए घरवाले रात में ही जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया हैै। मोहल्ला सिंजई निवासी 85 वर्षीय शारदा देवी के पति रामसरन की 25 साल पहले मौत हो चुकी है। शारदा इकलौते बेटे राममोहन के साथ रहती थीं। परिवार में बेटे की पत्नी और बच्चे भी हैं। बृहस्पतिवार रात शारदा अपने कमरे में लेटी थीं और बेटा अपनी पत्नी बच्चों के साथ अलग कमरे में सोया था। रात में लगभग 12 बजे धुएं की घुटन से राममोहन की आंख खुल गई। उसने देखा कि मां के कमरे से लपटों के साथ धुआं निकल रहा है। रात में ही उसने सौ नंबर पर कॉल करके चौक कोतवाली पुलिस को जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो अंदर से दरवाजा बंद था। पुलिस ने मजबूत लकड़ी के दरवाजे को तोड़कर शारदा को बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत होे चुकी थी। तसल्ली के लिए राममोहन रात 1.45 बजे उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। परिवार के लोग चारपाई के पास ठंड से बचने के लिए जलाई गई आग से हादसे की बात कह रहे हैं, वहीं पुलिस घटना को संदेह की नजर से देख रही है। हालांकि पुलिस ने किसी भी तरह की कार्रवाई से इंकार किया है।