रिश्ते के चाचा द्वारा युवक का फिल्मी अंदाज में कराए गए अपहरण का शाहजहांपुर पुलिस ने केस दर्ज होने के 24 घंटे भीतर न केवल खुलासा किया बल्कि अगवा युवक को सकुशल अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराने के साथ ही दो अपहर्ताओं को धर दबोचा। पुलिस पार्टी पर अपहर्ताओं ने फायरिंग भी की लेकिन पुलिसकर्मी बाल - बाल बच गए। शुक्रवार देर रात के बाद हुए इस मुठभेड़ में अंधेरे का लाभ उठाकर तीन अपहर्ता भाग निकले। उनमें
साजिशकर्ता अमरपाल (रोजा थाना क्षेत्र के रसूलपुर का निवासी), शिवा (आरसी मिशन थाना क्षेत्र के रेती इलाके का निवासी) और शेर ंसिह उर्फ शेर खंा शामिल हैं। उनकी तलाश में टीमें निकली हुई हैं। एसपी डॉ. मनोज कुमार ने इस खुलासे में शामिल पुलिस टीम को पांच हजार रुपये नगद का पुरस्कार दिया है।
अपहृत अंकित के पिता रामकृपाल पाल रोजा थाना क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर भिडाई के मूल निवासी हैं और वहीं गांव में इनकी करीब 80 बीघे की खेती है और यह इस समय सदर बाजार थाना क्षेत्र के मोहल्ला खटिकाना दिलाजाक में
सपरिवार रहते हैं। अंकित इनकी इकलौती संतान है। इन्होंने शुक्रवार को पुलिस को सूचना दी कि इनका बेटा अंकित पाल अपने साथी शिवम के साथ किसी लड़की का फोन आने पर बीते 17 फरवरी को शाम चार बजे उससे मिलने बरेली मोड़ गया और वहां पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उसका अपहरण कर लिया गया है। अपहर्ता उसे मुक्त करने के एवज में फिरौती के रूप में 30 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। थाना सदर बाजार में आईपीसी की धारा 364ए के तहत केस दर्ज कर पूरे मामले को गोपनीय रखते हुए पुलिस ने युवक को सकुशल मुक्त कराने के लिए दो टीमें बनाईं। सीओ क्राइम ब्रांच अनुराग दर्शन और सीओ सिटी विजय शंकर मिश्र की अगुवाई वाली टीमें सर्विलांस निगरानी से लोकेशन ट्रेस करने में जुटीं। पाया गया कि अपहरण के बाद युवक को अपहर्ताओं ने तिलहर और जलालाबाद क्षेत्र में रात भर रखा और अब रोजा थाना क्षेत्र में रेलवे क्वार्टर परिसर में हैं।
फिर रोजा में पुलिस मुखबिरों को सक्रिय किया गया। वहां एक रेलवे कर्मचारी के क्वार्टर में किराए पर अपहर्ताओं ने युवक को अपने कब्जे में रखा हुआ था। शुक्रवार आधी रात को मुखबिरों ने सूचना दी अपहृत अंकित को कुछ व्यक्ति एक काले रंग की ओपल कोर्सा कार, जिसका नंबर सीएच 03 ई 5865 है, में रोजा की तरफ से पीडब्लूडी तिराहे होते हुए पीलीभीत ले जाने की तैयारी में है। इस सूचना पर दोनों टीमों ने पीडब्लूडी तिराहे पर घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद एक गाड़ी आती दिखायी दी जिसको रोकने का प्रयास किया गया तो गाड़ी में बैठे लोगों ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। गिरफ्तार दो अपहर्ताओं की पहचान मनोज शुक्ला (रोजा के न्यू चर्च कालोनी निवासी)और ओमप्रकाश उर्फ मुल्ला (रोजा के गांव रजौआ निवासी)के रूप में हुई हैं। दोनों के पास से एक तमंचा मय कारतूस और एक चाकू बरामद हुआ।
साजिशकर्ता अमर पाल ने इस कांड में एक युवती का इस्तेमाल किया जिसने मोबाइल पर दो माह पहले अंकित से दोस्ती शुरू की और पहली बार मिलने के लिए बीते 17 फरवरी की शाम चार बजे बरेली मोड़ बुलाया। वहां यह अपने दोस्त के साथ पहुंचा तो स्कूटी पर आई युवती ने मोबाइल पर ही इसे अपने दोस्त को अलग करने पर ही मिलने के लिए सामने आने की बात कही। इसने अपने दोस्त को अलग किया तभी एक कार से उतरे लोगों ने पता पूछने के बहाने इसे टोका और धकेल कर कार में डालकर तिलहर की ओर ले गए।
फिरौती न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। अपहर्ताओं को अमर ने बताया था कि अंकित के पिता के पास 150 बीघे खेत है और 30 लाख आराम से दे देगा।-- डॉ. मनोज कुमार, एसपी शाहजहांपुर।