सोमवार देर रात गांव रौली बौरी में शिकायत के आधार पर एक घर में पुलिसकर्मी घुस गए। पुलिस ने एक युवक को पीटकर उसकी पत्नी को पकड़कर जीप में बैठा लिया। इसपर गांव वाले भड़क गए और जीप समेत पुलिस कर्मियों को घेर लिया। इस दौरान गांव वाले पुलिस के साथ धक्कामुक्की करते हुए हमलावर हो गए। किसी तरह पुलिस पार्टी वहां से जान बचाकर भागी। पुलिस घटना से इंकार करती हुई पूरे मामले को दबाकर बैठ गई है।
थाना मदनापुर के गांव सलेमपुर निवासी बाबू ने अपनी बेटी बबली की शादी करीब आठ महीने पहले गांव रोली बौरी के इरशाद के बेटे के साथ की थी। आरोप है कि दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर जब बबली प्रताड़ित की जाने लगी तो पंचायत में मामला सुलझाया गया। इसके बाद बीती पांच अप्रैल को बाबू अपनी बेटी की विदा कराने आया, लेकिन ससुरालियों ने विदा नहीं की तो बाबू ने पुलिस को तहरीर दी। आरोप है कि साठगांठ हो जाने के बाद रात करीब दस बजे कोतवाली का एक दरोगा तथा सिपाही जीप लेकर उक्त गांव पहुंचे और विवाहिता के पति की पिटाई लगाने के बाद बबली को जीप में बैठा लिया और ले जाने लगे। इस बात को लेकर गांव के लोग भड़क गए। यहां की महिलाएं भी हमलावर हो गई। काफी मशक्कत तथा मान मनौव्वल के बाद पुलिसकर्मी गांव से निकल पाये। इस दौरान पुलिस को विवाहिता तथा उसके पति को भी छोड़ना पड़ा। फिलहाल इस बात को वहीं दबाकर पुलिस ने इस मामले मे बाबू की ओर से लड़के के पिता जरीफ के अलावा उसके भाई इरशाद, इसरार तथा गुलफाम के खिलाफ मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।