भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली की टीम ने तहसील प्रांगण में एक लेखपाल को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ लिया। टीम की ओर से लेखपाल के विरुद्ध थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
शनिवार को दोपहर लगभग ढाई बजे तहसील प्रांगण में मौजूद लेखपालों और कर्मचारियों में उस समय हड़कंप मच गया जब परगना जलालपुर के गांव खिरिया क्षेत्र के लेखपाल भगवानदास को बरेली से आई भ्रष्टाचार निवारण टीम ने गांव आलमपुर निवासी व्यास भगवान पांडेय से पांच हजार रुपये रिश्वत देते हुए रंगेहाथों दबोच लिया। लेखपाल को दबोचने के बाद टीम ने उसके हाथ धुलवाए तो हाथों से गुलाबी रंग छूटने लगा। टीम लेखपाल को लेकर थाने पहुंची। जहां लगभग दो घंटे तक कागजी कार्रवाई करती रही। लेखपाल को रिश्वत लेते पकड़े जाने की खबर वायरल होते ही थाने पर लेखपालों, तहसील कर्मियों का मजमा लग गया। शाम पांच बजे इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने केस का खुलासा करते हुए पत्रकारों को बताया कि थाना जैतीपुर के गांव आलमपुर निवासी व्यास भगवान पांडेय मूलरूप से थाना खुदागंज के गंाव खिरिया के निवासी हैं। इनकी जमीन गांव खिरिया में स्थित है। तीन साल पहले पिता की मौत हो गई। पिता की विरासत व्यास भगवान और उनके भाई धर्मपाल के नाम दर्ज हुई। विरासत की जमीन गाटा संख्या 203, 204 पर थी, लेकिन विभागीय हेराफेरी करके जमीन का गाटा बदलकर उसे 230 और 240 कर दिया गया। श्री सिंह ने बताया कि गाटा संख्या दुरुस्त करने के लिए लेखपाल भगवानदास 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। पांच हजार रुपये में मामला तय होने पर व्यास भगवान पांडेय ने दो महीना पहले बरेली कार्यालय में आकर लेखपाल के रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद लखनऊ से टीम गठित की गई। टीम ने शनिवार को तहसील तिलहर में लेखपाल भगवानदास को रंगेहाथों पकड़ लिया।
लेखपाल की बेटी की फरवरी में होनी है शादी
रिश्वत लेते पकड़े गए लेखपाल भगवानदास की बेटी की फरवरी में शादी होनी है। इन दिनों वह शादी की तैयारियों में लगे थे।
लेखपाल के इकलौते बेटे को है कैंसर
लेखपाल भगवानदास के साथियों ने बताया कि उनका इकलौता बेटा कैंसर से पीड़ित है। उसका इलाज चल रहा है।