कांट थाना क्षेत्र में नखासे में भैंसा बेचकर साईकिल से लौट रहे पिता - पुत्र को बुधवार शाम मदनापुर रोड पर जिंदो वाली पुलिया के पास दो बाइकों पर सवार चार अज्ञात युवकों ने धक्का मारकर गिरा दिया। उनके गिरते ही तमंचे के बल पर चारों ने उनके पास से 50 हजार रुपये लूट लिया और भाग निकले। रात को थाने में केस दर्ज कर लुटेरों की तलाश की जा रही है।
कांट के रावतपुर में लगे नखासे में मदनापुर थाना क्षेत्र के गांव मुकुंदपुर निवासी रण सिंह और उसके पिता श्यामा चरण कुशवाहा बुधवार को अपने दो भैंसा बेचने को आए हुए थे। भैंसों का सौदा हो जाने पर दोनों ने क्रेताओं से रुपये लिए और घर को लौटने लगे। कांट और मदनापुर थाना की सीमा पर पड़ने वाले जिंदो वाली पुलिया के पास पीछे एक काले रंग की पल्सर बाइक और नीले रंग की हीरो पैशन प्रो बाइक पर सवार चार युवक तेजी से ओवरटेक करते हुए आगे निकलने लगे। उसी दौरान पल्सर पर पीछे की ओर बैठे युवक ने इनके साइकिल पर लात मारी तो ये दोनों सड़क पर साइकिल समेत गिर पड़े। लुटेरों ने तमंचा लहराते हुए इनके फेंट में रखे रुपये छीन लिए और भाग निकले। बाद में वहां से गुजर रहे राहगीरों ने घटना की जानकारी होने पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कांट थानाध्यक्ष रजी अहमद ने बताया कि मुकदमा लिख लिया गया है। अनुमान है कि लुटेरे नखासे ही पिता - पुत्र के पीछे लग गए थे।
किसान से 38 हजार रुपये की लूट
धान बेचकर घर जा रहे थे सहोरा के उमेशचंद्र
पुवायां। बिलसंडा से धान बिक्री का रुपया लेकर घर जा रहे एक किसान से बाइक सवार बदमाशों ने 38 हजार रुपये लूट लिए और भाग निकले। किसान ने पुलिस को तहरीर दी है।
सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव सहोरा निवासी उमेशचंद्र ने बिलसंडा में किसी आढ़ती को धान बेचा था। मंगलवार को वह बिलसंडा गए और धान बिक्री के 38 हजार रुपये मिले जो उन्होंने थैले में रख लिए और शाम को बाइक से घर को चल दिए। रास्ते में पुवायां क्षेत्र के गांव जिगनिया के पास पीछे से आए बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और तमंचा तानकर शोर नहीं करने की हिदायत देते हुए रुपयों वाला थैला लूट लिया और भाग निकले। उमेश चंद्र ने शोर मचाते हुए बदमाशों का पीछा भी किया लेकिन बदमाश फरार होने में सफल रहे। उमेश ने पास के गांव जाकर लोगों को लूट की जानकारी दी। कुछ लोगों ने भी उमेश के बताए अनुसार बदमाशों की पीछा भी किया लेकिन कोई पता नहीं चल सका। बताया जाता है कि बदमाश बंडा से ही उमेश चंद्र के पीछे लगे थे। उमेश चंद्र ने बताया कि वह पुवायां पहुंचे और कोतवाली में तहरीर देकर लूट की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की मांग की। उधर कोतवाली प्रभारी राजेश सिंह ने लूट की तहरीर मिलने से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया से जानकारी मिलने के बाद उमेश चंद्र के पिता चिरौंजीलाल से बात की गई तो उन्होंने लूट की घटना से इंकार करते हुए कहा कि मामला मारपीट का है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।