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आसाराम और उसकी बेटी सहित 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

Sun, 24 Dec 2017 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
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आसाराम - फोटो : self
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पत्रिका बंटवाकर पीड़िता के परिवार की छवि खराब करने का आरोप
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पीड़िता के पिता ने आसाराम और उसके गुर्गों से जताया जान का खतरा

शहर की एक बिटिया के साथ रेप के आरोप में जोधपुर जेल में बंद आसाराम को षडयंत्र के तहत फंसाने के प्रचार व पीड़िता और उसके परिवार की छवि को खराब करने की नीयत से बांटी गई पत्रिका के बाद पीड़िता के पिता की ओर से तहरीर मिलने पर चौक कोतवाली में आसाराम और उसकी बेटी सहित 12 लोगों के खिलाफ शनिवार रात धारा 147 व 506 में मामला दर्ज कर लिया गया।
पीड़िता बिटिया के पिता की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि आसाराम उर्फ आसुमल नामक एक ढोगी तथाकथित संत ने मेरी बेटी के साथ 15 अगस्त 2013 को दुराचार किया था। जिसका जोधपुर न्यायालय में केस चल रहा है और आसाराम जोधपुर जेल में बंद है। वहीं से आसाराम अपने आदमियों के जरिये हमारे खिलाफ साजिश करता रहता है। उसने अपने आदमियों से शाहजहांपुर में आदर्श पंचायती राज नामक पत्रिका की हजारों कॉपियां बंटवाईं हैं। वह हमारे परिवार की छवि खराब करने के लिए झूठी मनगढ़ंत बातें पत्रिका में छपवाकर बंटवाता रहता है। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ दुष्प्रचार व भड़काऊ गतिविधियों को रोका जाए। पीड़िता के पिता ने बताया कि यह पत्रिका आसाराम विभिन्न नामों से अपने आदमियों के जरिये छपवाता व बंटवाता है। जैसे ऋषिप्रसाद, लोक कल्याण सेतु, सत्यमेव जयते व आदर्श पंचायती राज आदि। उन्होंने रिपोर्ट में रुद्रपुर गांव स्थित स्थानीय आश्रम को बंद करवाने की मांग करते हुए अपने परिवार पर खतरे की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि हमें कई बार परिवार सहित खत्म करने की धमकियां मिल चुकीं हैं। अगर हमारे परिवार के साथ कोई घटना होती है, तो इसके जिम्मेदार आसाराम व उसकी लड़की भगवान भारती और उसके गुर्गे अर्जुन उर्फ पंकज, राघव, संजय, आरेंद्र सिंह, केसी श्रीवास्तव, देवपाल, सत्यवीर, आशीष, पिंटू गुप्ता, घनश्याम होंगे। पुलिस ने इस मामले में धारा 147 व 506 में मामला दर्ज किया है।
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तहरीर के आधार पर मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। चूंकि रिपोर्ट में जिन लोगों को नामजद किया गया है। उनका पता वादी को उपलब्ध नहीं है। इसलिए मामले की गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है। वादी पक्ष की ओर से पत्रिका की एक कॉपी दी गई है। उसका अध्ययन भी किया जा रहा है।
अशोकपाल, इंस्पेक्टर, चौक कोतवाली
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