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किराए के दो शूटरों पर टिकी निगाहें

Tue, 22 Sep 2015 11:26 PM IST
शाहजहांपुर।
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 जेल में बंद आसाराम के खिलाफ गवाही से न मुकरने वालों का सफाया करने में जुटे खास सेवादारों की टोली सुपारी किलरों का इस्तेमाल कर रही है। यहां गत जुलाई माह में गवाह कृपाल की गोली मार कर हुई हत्या में भी ऐसी है किराए के हत्यारों की सेवाएं ली गईं। इनकी संख्या दो थी। जांच टीमों की निगाहें इनकी तलाश में जुटी हैं। इनमें से एक तो यूपी का ही है, जबकि दूसरा उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र का रहने वाला है।  
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कृपाल मर्डर की साजिश रचने में गिरफ्तार सेवादार नारायण पांडेय और प्रदीप मिश्रा से पूछताछ एवं विभिन्न आश्रमों में जाकर ली गई टोह में यहां की जांच टीमों को कुछ अहम् तथ्य हाथ लगे थे। इसके अनुसार, आसाराम की ओर से इस साजिश को अंजाम देने की कमान तीन सेवादारों ने प्रमुख रूप से संभाल रखी है। पहला अहमदाबाद का अजुऱन है तो दूसरा गोरखपुर का मूल निवासी संजय एवं तीसरा जम्मू और कश्मीर का मूल निवासी राघव है। इनमें से अर्जुन ही वित्तीय मामलों का प्रबंधन देख रहा है और वही सीधे तौर पर सुपारी किलरों से संपर्क रखने एवं उनका भुगतान करने का काम संभालता है। इन तीनों की तलाश में यहां की जांच टीमों ने राजस्थान, गुजरात और हरियाणा पुलिस की टीमों को साथ कई आश्रमों में चेकिंग की लेकिन उनमें से एनक भी पकड़ में नहीं आया। एसपी बबलू कुमार ने कहा कि केस काफी संवेदनशील है। तफ्तीश जारी है और जांच टीमें अपने काम में जुटी हुई हैं।  

अहमदाबाद पुलिस की गिरफ्त में आए कर्नाटक की दंपति से तकरीबन वही बातें सामने आई हैं, जो यहां कृपाल मर्डर केस में गिरफ्तार आसाराम के सेवादारों से पूछताछ में मिली थीं। ऐसे में यहां जारी जांच में वहां से काफी सहायक तथ्य मिलने के आसार हैं। वहां की जांच टीमों से लगातार संपर्क बना हुआ है।
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- बबलू कुमार, एसपी, शाहजहांपुर।

घटनाक्रम एक नजर में (फोटो 13 और 14)
- 15 अगस्त 2013 को जोधपुर के छिंदवाड़ा आश्रम में शाहजहांपुर की नाबालिग बिटिया से दुराचार हुआ
- 19 अगस्त 2013 को आसाराम के खिलाफ दुराचार का केस दिल्ली में दर्ज हुआ
- 30 अगस्त 2013 को आसाराम गिरफ्तार हुए और तब से जेल में हैं
- मामले में कुल 108 गवाह बने और इनमें से 56 की गवाही हुई
- शाहजहांपुर निवासी गवाह कृपाल पर इसी वर्ष 10 जुलाई की रात को गोली मारी गई
- 11 जुलाई को बरेली में उपचार के दौरान कृपाल की मौत हो गई
- 25 जुलाई को कृपाल मर्डर की साजिश रचने में नारायण पांडेय गिरफ्तार हुआ, बाद में प्रदीप मिश्रा भी जेल भेजा गया
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