होली का त्योहार नजदीक आ चुका है। लोग खरीददारी में जुटे हैं तो व्यापारी नई डिजाइन और वैरायटी के रेडीमेड कपड़े, साड़ियां, जूते चप्पल आदि ला चुके हैं। घरों में भी साफ सफाई आदि कर होली की तैयारी की जा रही हैं, दूसरी तरफ क्षेत्र में होली को लेकर एक और तैयारी चल चल रही है। पुवायां, बंडा, खुटार क्षेत्र में कुछ स्थान कच्ची के लिए इतने कुख्यात है कि यहां से जिले के अलावा दूसरे जनपदों तक को कच्ची की सप्लाई की जाती है। खीरी के मैलानी थाना क्षेत्र का राजामंडी गांव तो कच्ची का गढ़ है। खुटार क्षेत्र में कच्ची बेचने वाले देशी शराब के ठेकेदार के प्रबंधक पर कई बार हमला तक कर चुके हैं। खुटार कसबे में एक स्थान पर अवैध रूप से शीरे की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। पुलिस और आबकारी विभाग की सांठगांठ के चलते यहां आज तक कोई धरपकड़ नहीं की गई। यहां से शीरा ले जाकर माफिया नदियों के किनारे गड्ढे खोदकर उनमें पन्नी डालकर स्टाक किया जाता है। ऐसे ही लहन भी एकत्र किया जा रहा है।
यहां होता है कच्ची शराब का कारोबार
यहां के गांव मैनियां, टोडरपुर, कुभियां माफी, रामपुर खुर्द, जसवंतनगर, रसवां कलां, खमरिया गदियाना, इटौआ, पुनौती, सिहुरा खुर्द कलां, मुरादपुर, महुआ पिमई, पड़सर, दिलीपपुर, लक्ष्मीपुर, टाह खुर्द कलां, चमराबोझी के अलावा नगर के मुहल्ला नरायनपुर, देवस्थान, पश्चिमी गढ़ी आदि में कच्ची का कारोबार का धड़ल्ले से किया जाता है। कसबे का मुहल्ला पसियापुर, गांव चांदूपुर, बैवहा, लक्ष्मनपुर गौंटिया, कर्रखेड़ा खुर्द, कुंवरपुर रत्ती, मूड़ा, लुहिची, रामदेवरी आदि। यहां गांव रायपुर, धारा, भरतापुर, इमलिया, सतवां, ढकिया, चौसेड़ा, गंगसरा, दिउरिया, महमूदपुर सैंजनियां, रेहरिया, सुनारा, बद्रीपुर हदीरा, कोंप नवलपुर, नबावपुर, मीरपुर गंगाई, महुरेना, सिंघापुर, झबरिया, उदना, कुंवरपुर, धर्मंगदपुर आदि।