ग्राम पंचायत पिलुआ में राशन की दुकान के चयन के लिए प्राथमिक विद्यालय में हुई खुली बैठक में दोनों दावेदारों द्वारों बहुमत का दावा किए जाने पर पर्यवेक्षक एडीओ पंचायत विश्वनाथ सिंह ने पुलिस की मदद से लाइन लगवाकर गणना कराई। इसमें 723 मत निशा यादव ने पाए तो प्रस्ताव उनके नाम तैयार किया गया।
निशा यादव के विरोध में दूसरी तरफ से सुरेश यादव दावेदार थे। बैठक की कार्रवाई शुरू होते ही दोनों पक्षाें ने अपने-अपने पक्ष में बहुमत का दावा किया था। इसी के बाद काउंटिंग की स्थिति बनी। हालांकि सुरेश यादव पक्ष को यह गवारा नहीं हुआ और उन्होंने पर्यवेक्षक पर पक्षपात का आरोप लगाते साथियों संग हंगामा किया। ऐसे में पुलिस ने सख्ती दिखाई और सुरेश यादव पक्ष को शांत कराया। तब कहीं काउंटिंग का काम दोबारा शुरू हुआ। निशा यादव के पक्ष में 723 और सुरेश यादव के पक्ष मे 377 मत होने की घोषणा की गई। इसके बाद भी सुरेश यादव के समर्थकों ने चुनाव अधिकारी पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए बैठक की कार्रवाई निरस्त करने की मांग की। तब एक बार पुलिस फिर सख्त हुई और हंगामा करती भीड़ को खदेड़ा। इसके बाद एसडीएम को निशा के पक्ष में प्रस्ताव भेज दिया गया। बैठक में ग्राम पंचायत अधिकारी अशोक पांडे, प्रधान सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
सुरेश यादव के समर्थक जो आरोप लगा रहे हैं, वो निराधार है। किसी प्रकार का पक्षपात नहीं किया गया।
-विश्वनाथ सिंह, एडीओ