नाबालिग से दुराचार के एक और मामले में पुलिस ने छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कर पीड़ित को टरका दिया।
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जनवरी को बड़ागांव चौकी क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को
तहरीर देकर बताया था कि 31 दिसंबर को उसकी नाबालिग पुत्री शौच को गई थी।
खेत में पहले से ही घात लगाए बैठे गांव के ही युवक ने लड़की को पकड़ लिया
और तमंचा तानकर शोर मचाने पर जान से मार देने की धमकी दी। इसके बाद लड़की
के मुंह में कपड़ा ठूंसकर दुराचार किया गया। किसी तरह आरोपियों के चुंगल से
छूटकर लड़की घर पहुंची और परिवार के लोगों को मामले की जानकारी दी। शिकायत
करने पर आरोपी और उसके परिवार के लोगों ने उसे जान से मारने की नीयत से
दौड़ा लिया। इसके बाद पीड़ित परिवार पर आरोपी नजर रखने लगे। इस कारण वह
घटना के दस दिन बाद तहरीर देने थाने आ सका।
पुलिस ने तहरीर लेकर
रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया था। अधिकारियों से शिकायत के बाद
शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन पीड़ित से दूसरी तहरीर लेकर
छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया। पीड़िता के पिता ने कहा कि वह मामले की
शिकायत अधिकारियों से करेगा।
दो वर्ष तक रेप के मामले में भी लिखी थी छेड़छाड़
पुवायां।
मोबाइल पर अश्लील क्लिपिंग बनाकर हाईस्कूल की छात्रा को ब्लैकमेल कर दो
वर्ष तक दुराचार करने के मामले में भी पुलिस ने पीड़िता को तमाम चक्कर
लगवाने के बाद 13 जनवरी को छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज की थी। शिकायत पर एसपी
ने कोतवाली प्रभारी यतेंद्र बाबू भारद्वाज को फटकार तक लगाई थी, लेकिन
इसका पुलिस पर कोई असर नहीं हुआ और फिर से रेप का मामला छेड़छाड़ में दर्ज
कर दिया गया। इस संबंध में श्री भारद्वाज का कहना है कि तहरीर के आधार पर
ही रिपोर्ट दर्ज की गई है।