सिंधौली थाना क्षेत्र में दस साल पहले शराब पिलाने के बाद रामकुमार को उसके दो दोस्तों ने जंगल में ले जाकर गला घोटकर मार डाला था। बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश शाहिद रजा ने दोनों आरोपियों में से जीवित बचे आरोपी पातीराम को दस साल कैद की सजा सुनाई। सिंधौली थाने में नौ जनवरी, 2006 को आलमपुर गांव निवासी परीचंद ने तहरीर देकर बताया कि आठ जनवरी, 2006 को उसके घर पर गौरा रायपुर गांव के पातीराम और मरौरी के चंद्रपाल पहुंचे। दोनों ने उसके साठ वर्षीय पिता रामकुमार के साथ शराब पी। इसके बाद दोनों लकड़ी दिखाने के बहाने उन्हें बाजपुर के जंगल में ले गए। वहां गला घोटकर उनकी हत्या कर दी। सुबह जंगल में पीपल के नीचे उनकी लाश मिली। पुलिस ने मौके से एक अंगोछा बरामद किया। पोस्टमार्टम में मौत की वजह गला घोटने से होना पाई गई। मुकदमे की विवेचना थानाध्यक्ष शशिकांत वर्मा ने की। एडीजीसी सुनील सिंह की ओर से आरोपियों के खिलाफ कुल छह गवाहों को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुत साक्ष्यों, तथ्यों एवं दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। आरोपी चंद्रपाल के दौरान-ए-मुकदमा मौत हो गई।