क्षेत्राधिकार की जंग हार चुके रेलवे अधिकारियों ने रेलवे की जमीन से मनमाने ढंग से दुकानदारों को बेदखल कर दिया। इसके लिए दुकानों में तोड़फोड़ भी की। इस पर दुकानदारों ने निर्माण अभियंता और रेलपथ अभियंता का घेराव कर नारेबाजी की। माहौल बिगड़ता देख रेल अधिकारी मौके से खिसक लिए। दुकानदारों ने रेल अधिकारियों पर लूटपाट और तोड़फोड़ की तहरीर थाना रोजा में दी है।
मंगलवार सुबह करीब दस बजे निर्माण अभियंता विद्याराम और हरगोविंद आरपीएफ के एएसआई गजेंद्र सिंह मजदूरों के साथ नगर पंचायत के क्षेत्राधिकार वाली बाजार में पहुंच गए। साथ ही इसे रेलवे की जमीन बताते हुये सुरेश, प्रदीप, लालाराम, सावित्री, विजय कश्यप, पप्पू आदि की दुकानों को बगैर नोटिस दिए तोड़ने लगे।
इससे आक्रोशित लोगों ने नगर पंचायत अध्यक्ष अजय गुप्ता की अगुवाई में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान दुकानदारों की रेल अधिकारियों और पुलिस से जमकर हॉट-टॉक भी हुई। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक आरएन चौधरी ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया। व्यापारी नेता मुकेश और गिरिजाशंकर ने पुलिस को कहा कि सुरेश, प्रदीप और लालाराम की दुकानों से निर्माण अभियंता ने रुपये भी लूटे हैं। साथ ही एक महिला दुकानदार के साथ छेड़छाड़ भी की। इसकी तहरीर थाने में दी गई। दुकानदारों ने पुलिस को बताया कि रेलवे जमीनी क्षेत्राधिकार का मुकदमा नगर पंचायत से हार गयी है। दुकानदार योगेश, विनीत, सुरेश सिंह और बलराम गुप्ता ने कहा कि सुविधा शुल्क के लिए इस तरह की कार्रवाई की जाती है। इस संबंध में सांसद के माध्यम से मामला रेलवे बोर्ड में विचाराधीन है। रेलवे अधिकारी अपना पक्ष रखने के लिए पुलिस के सामने नहीं गए।
रेलवे अस्पताल के सामने एक दुकानदार निर्माण करा रहा था जिसको एक दिन पहले ही मना किया। न मानने पर कार्रवाई अमल में लाई गई। अन्य आरोप आरोप निराधार हैं।
- विद्याराम जाटव, निर्माण अभियंता, रेलवे