तिलहर रेलवे स्टेशन पर गुंडों ने रेल यात्रियों को पहले तो बोगी में घुसकर पीटा। बाद में एक यात्री को स्टेशन पर उतारकर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, लेकिन रेलयात्रियों और स्टेशन पर मौजूद आरपीएफ ने बचाने की कोशिश नहीं की। मारपीट करने के बाद गुंडे आसानी से स्टेशन से चले भी गए। रेल यात्रियों के अनुसार उन लोगों से नगदी, मोबाइल और टिकट भी छीन ले गए हैं।
सीट को लेकर ट्रेनों में अक्सर विवाद होते रहते हैं, लेकिन शुक्रवार को तिलहर में गुंडों ने कुछ ज्यादा ही आतंक मचाया। घटना के चश्मदीद पुवायां क्षेत्र के विशेष शर्मा ने कहा कि बरेली-बनारस एक्सप्रेस की एस-1 के पीछे वाली बोगी में तिलहर के दो युवक बरेली से बैठे थे। बरेली से ट्रेन छूटने के बाद इन लोगों का ट्रेन में बैठे तीन लड़कों से सीट पर बैठने को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान तिलहर के युवकों ने अन्य लोगों से सीट खाली करने के लिए कहा, तो रेल यात्रियों ने ऐसा करने से मना कर दिया। इस पर तिलहर के युवकों ने फोन करके स्टेशन पर गुंडे बुला लिए।
इसकी भनक लगी तो ट्रेन में बैठे तीनों युवक बिलपुर में ही उतर गए और डभौरा गांव की ओर चले गए। शर्मा के मुताबिक, जब तिलहर स्टेशन पर ट्रेन रुकी तो करीब दस लड़के बोगी में घुस आए और तीनों युवक की तलाश में यात्रियों से मारपीट शुरू कर दी। इन लोगों ने दो महिलाओं को भी पीट दिया। एक युवक ने विरोध किया तो उसे ट्रेन से उतारकर पीटा। गुंडे युवक को घसीटकर टिकट घर तक ले गए। वहां भी उसे पीटा। किसी तरह वह जान बचाकर भागा। पिटे यात्रियों ने शाहजहांपुर पहुंचकर जीआरपी और आरपीएफ थाना प्रभारियों को घटना की जानकारी दी।
ट्रेन पर चढ़ते ही पीटने लगे: सिंधु
बरेली से बनारस जा रहीं रुद्रपुर की सिंधु देवी ने कहा कि ट्रेन में बदमाशों ने चढ़ते ही उन लोगों के साथ मारपीट करना शुरू कर दी। इतनी ही नहीं उनके बच्चों को भी बेरहमी से पीटा गया। साथ ही अश्लील हरकतें भी कीं और पास में रखे सारे रुपये भी छीन लिए।
ट्रेन से घसीटकर पीटा: कृष्णा
बलिया जिले के मीरपुर में जा रहे कृष्णा ने कहा कि उनसे तो कोई विवाद ही नहीं हुआ था। फिर उन्हें पीट दिया। कहा कि बहन से अभद्रता करने का विरोध करने पर ही उन गुंडों ने बेल्ट, डंडों, हॉकी आदि से पीटा।
लग रहा था जान नहीं बचेगी: तारा
कृष्णा की बहन तारा भी बलिया जिले की रहने वाली हैं। वह भी अपने भाई के साथ जा रही थीं। बोलीं कि उन्हें भी बहुत मारा। साथ ही गोद में बच्चे को भी पीटा, जिससे उसके नाक पर चोट लग गई। लग रहा था कि आज जान नहीं बच पाएगी।
गार्ड ने जताई घटना से अनभिज्ञता
ट्रेन में चल रहे गार्ड ने मारपीट की घटना से साफ इंकार कर दिया। वहीं ट्रेन में मौजूद रेल यात्रियों का कहना था कि घटना के दौरान गार्ड आए और वॉकी-टॉकी पर कुछ कहने के बाद फिर लौट गए, जबकि गार्ड ने घटना के बारे में पूछने पर अनभिज्ञता जता दी।
मौके पर गई जीआरपी और आरपीएफ
तिलहर में हुई मारपीट की घटना को अंजाम देने वाले कौन लोग थे? इसकी जानकारी करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ भी मौके पर गई। जीआरपी ने स्टेशन पहुंचकर मामले की जानकारी की। जीआरपी थाना प्रभारी जयशंकर सिंह का कहना है कि रेल यात्रियों से मारपीट करने वालों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
रेल यात्रियों ने नहीं दी तहरीर
मारपीट और लूटपाट की घटना के बारे में जानकारी करने के लिए जीआरपी ने एक सिपाही को ट्रेन में ही भेज दिया। सिपाही ने पीड़ितों ने से तहरीर मांगी, लेकिन उन लोगों ने तहरीर देने से मना कर दिया, जिससे इस मामले में रिपोर्ट नहीं लिखी जा सकी।