मुखबिर की सूचना पर डीएसओ, फूड इंस्पेक्टर और नायब तहसीलदार ने पुलिस के साथ पुवायां में निगोही मार्ग पर छापा मारकर नकली डीजल बनाए जाने का कारखाना पकड़ा है। मौके से भारी मात्रा में मिट्टी का तेल आदि भी बरामद हुआ है। देर रात हुई कार्रवाई खबर लिखे जाने तक जारी थी।
मंगलवार शाम चार बजे किसी ने एसडीएम लालबहादुर को सूचना दी कि निगोही मार्ग पर बड़े पैमाने पर नकली डीजल बनाने का काम किया जाता है और यहां से तमाम स्थानों को सप्लाई किया जाता है। एसडीएम ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीएसओ ब्रजेश शुक्ला, नायब तहसीलदार संजय कुमार को कार्रवाई को कहा। डीएसओ, नायब तहसीलदार, पुवायां के पूर्ति निरीक्षक संतोष शर्मा, सदर बाजार के पूर्ति निरीक्षक मयंक श्रीवास्तव पुलिस के साथ निगोही मार्ग पर पहुंचे।
यहां गांव कहमारा निवासी द्रगपाल की दुकानों को पुवायां के मोहल्ला कटरा बाजार निवासी संतोष गुप्ता ने किराए पर ले रखा है। दुकानों के सामने रोड के दूसरी ओर दो गोदाम भी संतोष के पास है। टीम के पहुंचने से कुछ पहले ही संतोष दुकान और गोदाम में ताला डालकर भाग निकला। टीम ने दुकान और गोदामों का ताला तुड़वाया तो एक गोदाम ने 25 खाली ड्रम, दूसरी गोदाम से मिट्टी तेल से भरे 21 ड्रम और दुकान से ढाई ड्रम मिट्टी का तेल बरामद किया गया। दुकान से मिट्टी के तेल से डीजल बनाने वाला 20 लीटर केमिकल, तेल नापने के मापक, छह डायरी और कारतूस का एक खोखा भी बरामद किया गया। कोटेदारों को मिट्टी का तेल सप्लाई करने वाली फर्म आरकेबीके को मिट्टी का तेल सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
पुवायां में छापा मारकर लगभग पांच हजार लीटर मिट्टी का तेल बरामद किया गया है। मौके से डीजल बनाने वाला केमिकल भी मिला है। संतोष गुप्ता के खिलाफ धारा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। मौके से मिली डायरी आदि की जांच की जा रही है। मामले में संलिप्त सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- ब्रजेश शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी शाहजहांपुर
तो क्या पेट्रोल पंपों को सप्लाई होता था नकली डीजल
पुवायां। पुवायां में नकली डीजल बनाने के कारखाने पर मारे गए छापे में मिली डायरियों से नकली डीजल सप्लाई करने वाले बड़े गिरोह का भांडा फूटने की संभावना है। जांच में कई सफेदपोशों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
डीएसओ को मौके से छह से अधिक डायरियां मिली हैं। इन डायरियों में जिले के अलावा हरदोई, सीतापुर,बदायूं, कानपुर आदि के कई पेट्रोल पंपों के नंबर दर्ज हैं। इसके अलावा पुवायां, खुटार, निगोही, तिलहर क्षेत्र के तमाम कोटेदारों के मोबाइल नंबर भी लिखे हुए हैं। साथ ही मिट्टी के तेल की खरीद फरोख्त का ब्यौरा भी है। चर्चा है कि पुवायां के कई जिलों के कुछ पेट्रोल पंपों को नकली डीजल सप्लाई किए जाने का काम किया जाता था। कोटेदारों से मिट्टी का तेल रात के अंधेरे में संतोष गुप्ता के गोदाम में पहुंच जाता था और यहां से उसे डीजल में बदलकर पंपों पर भेज दिया जाता था।
नकली डीजल बनाने और बेचने का यह काम कई वर्षों से बिना रोक टोक के चल रहा था। चर्चा है कि इसमें स्थानीय स्तर के कुछ अधिकारियों की भी मिलीभगत थी। यही कारण रहा कि संतोष गुप्ता खुलेआम दुकान खोल कर तेल की अवैध बिक्री कर रहा था, लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
निभाई पूरी वफादारी
पुवायां। एसडीएम ने नकली डीजल बनाने की जानकारी पाकर डीएसओ और नायब तहसीलदार को गोपनीयता बरतने की बात कहते हुए छापा मारने के निर्देश दिए थे, लेकिन टीम के मौके से पहुंचने से पूर्व ही संतोष गुप्ता से साठगांठ रखने वाले कर्मचारियों ने उसे छापे की सूचना दे दी। इससे वह दुकान और गोदाम में ताला डालकर खिसक लिया। ताला डालने के पीछे संतोष गुप्ता की मंशा थी कि अधिकारी दुकान और गोदाम का ताला नहीं तुड़वाएंगे और सुबह होने से पहले ही वह सारा माल गायब कर देगा, लेकिन गोदाम और दुकानों का ताला तुड़वाकर छापेमारी होने से उसकी मंशा धरी की धरी रह गई।
गोदाम और दुकान के आसपास घूमता रहा संतोष
पुवायां। छापे से पहले भले ही संतोष गुप्ता ने दुकान और गोदाम में ताला डाल दिया हो लेकिन वह छापे के दौरान खुलेआम आसपास घूमता रहा और छापा डालने आई टीम के एक अधिकारी से बात करता रहा। मौके पर पुलिस मौजूद होने के बाद भी उसे पकडने का प्रयास नहीं किया गया। इसको लेकर तमाम तरह की चर्चाएं रहीं।