पंचायत मित्र के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज
क्षेत्र के गांव सुजानपुर में बृहस्पतिवार रात हुई दलित सत्यपाल की हत्या के मामले में पुलिस ने मृतक के चाचा मेवाराम की ओर से गांव के ही पंचायत मित्र कमलेश कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने हत्यारोपी की बाइक को घटना स्थल के पास से कब्जे में ले लिया है। गौरतलब है कि सुजानपुर निवासी अर्जुन का 35 वर्षीय पुत्र सत्यपाल बृहस्पतिवार की रात लगभग दस बजे खाना खाने के बाद घर में ही टीवी देख रहा था और उसकी पत्नी अनीता आंगन में वर्तन साफ कर रही थी। गांव का ही पंचायत मित्र कमलेश कुमार शराब के नशे में एक बाइक पर दो अन्य लोगों के साथ उसके घर पहुंचा और बाइक को आंगन में खड़ा कर दिया। उसके साथी बाइक के पास खड़े रहे और कमलेश अकेले ही सत्यपाल के पास जाकर बैठकर टीवी देखने लगा। इसके बाद कमलेश ने तमंचा निकालकर सत्यपाल की गर्दन में गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर पत्नी अनीता ने शोर मचाया तो मेवाराम सहित आसपास के तमाम लोग भागकर मौके पर पहुंचे। इस दौरान कमलेश साथियों सहित मौके से भाग निकला, लेकिन उसकी बाइक मौके पर ही छुट गई। जब तक सत्यपाल को इलाज के लिए ले जाया जाता तब तक उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी राजेश सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और परिवार के लोगों से जानकारी ली। सीओ सुधीर कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और परिवार के साथ ही गांव के लोगों से भी पूछताछ की। शुक्रवार सुबह पुलिस ने मृतक के चाचा मेवाराम की ओर से कमलेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कमलेश की हरकतों से परेशान थे गांव के लोग
बृहस्पतिवार रात सत्यपाल की हत्या के बाद गांव के लोगों ने कमलेश की पुरानी हरकतों के बारे में भी पुलिस को सब कुछ बता दिया है। लोगों ने बताया कि कुछ माह पूर्व गांव के ही एक व्यक्ति से कहासुनी होने पर कमलेश ने हवाई फायरिंग की थी। इससे पूर्व में भी एक महिला से विवाद होने पर महिला के बेइज्जती की थी। वह शराब के नशे में तमंचा लेकर गांव वालों के बीच दहशत फैलाना चाहता था। शराब के नशे में उसके गलत व्यवहार के चलते लोग उससे बात करने से भी कतराने लगे थे।
दोनों साथियों के बारे में भी नहीं लगा सुराग
सत्यपाल की हत्या करने के लिए एक बाइक पर कमलेश दो अन्य लोगों को भी साथ में ले गया था। कमलेश जब बाइक से उतरकर सत्यपाल के पास गया तो दोनों बाइक के पास खड़े रहे, लेकिन हत्या के बाद उन दोनों के बारे में कोई सुराग नहीं लग सका है। मृतक की पत्नी अनीता का कहना है कि दोनों साथी कमलेश के साथ में ही भागे हैं, लेकिन वह अंधेरा होने के कारण उन्हें पहचान नहीं सकी। उधर मृतक के चाचा मेवाराम का कहना है कि दोनों साथियों के बारे में कोई पुष्टि नहीं होने के कारण जिक्र नहीं किया गया है।
कमलेश हिरासत में- इंस्पेक्टर बोले अभी फरार
एक ओर पुलिस आरोपियों को पकड़कर घटना का वर्कआउट करने पर बढ़िया पुलिसिंग का प्रमाण देती है, तो वहीं पुवायां पुलिस की कार्यशैली के रंग भी निराले हैं। पुलिस ने बृहस्पतिवार रात ही सत्यपाल की हत्या होने के बाद नामजद हत्यारोपी कमलेश को हिरासत में ले लिया था। कमलेश की गिरफ्तारी पर जब सीओ सुधीर कुमार सिंह से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि गिरफ्तार होने की चर्चा तो है, लेकिन पूरी जानकारी इंस्पेक्टर दे सकेंगे। इसके बाद जब इंस्पेक्टर राजेश सिंह से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बड़ा सवाल है कि आखिर पुलिस किन कारणों के तहत कमलेश की गिरफ्तारी को छिपाने का प्रयास कर रही है।