मिर्जापुर क्षेत्र में गांव चिकिटया के पास सोमवार की शाम ट्रक की चपेट में आकर गांव के राजीव मिश्रा उर्फ भूरे के 12 वर्षीय बेटे राजन का मंगलवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने घटना की गंभीरता को देखते हुए रात में ही शव का पोस्टमार्टम करा दिया था। ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
बता दें कि सोमवार को दुघर्टना के बाद आक्रोशित भीड़ ने ट्रक में आगजनी और जाम लगा दिया था। पुलिस के साथ भी उपद्रवियों ने हाथापाई और पथराव कर दौड़ा लिया। क्षेत्र के संभ्रांत लोगों के रोकने पर उनके साथ भी अभद्रता की गई। सीओ जलालाबाद और एसओ मिर्जापुर को भी नहीं बख्शा गया। स्थिति बेकाबू होने पर जिला मुख्यालय से एएसपी ग्रामीण आशाराम यादव के साथ ही जलालाबाद, कांट और तिलहर सर्किल के थानों का फोर्स तथा पीएसी के पहुंचने पर स्थिति सामान्य हो सकी। अफसरों ने रात में ही शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसको घरवालों को सौंप दिया। मंगलवार को मिर्जापुर पुलिस की मौजूदगी में शव को ढाईघाट गंगातट पर दफनाया गया।
ट्रक चालक के खिलाफ हुई रिपोर्ट
दुघर्टना में मरे बालक राजन के पिता राजीव मिश्र उर्फ भूरे ने दुर्घटना करने वाले ट्रक चालक करनसिंह पुत्र बृजेंद्र सिंह निवासी ग्राम बहरिया के विरुद्ध तीव्र गति से वाहन चलाते हुए पुत्र को कुचल देने की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। अभी तक फुंके हुए ट्रक स्वामी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
अतिक्रमण बना दुर्घटना का कारण
मिर्जापुर। कस्बे मुख्य चौराहे के समीप हुई दुर्घटना का प्रमुख कारण अतिक्रमण है। दुकानदारों ने रोड के दोनो तरफ पटरी तक दुकाने बना ली हैं। जिससे मार्ग संकरा हो गया है। ग्रामीण अतिक्रमण हटवाने के लिए कईबार शासन-प्रशासन से मांग कर चुके हैं,किंतु किसी ने भी इस जायज मांग पर गौर नहीं किया है। परिणाम सबके सामने है।
प्रशासन ने अतिक्रमण का नहीं लिया संज्ञान
मिर्जापुर। अमर उजाला ने रविवार के अंक मे ही कस्बे के मुख्य चौराहे पर अतिक्रमण से लगने वाले जाम की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित कर दुर्घटना की संभावना व्यक्त की थी। सोमवार को ही यह घटना हो गयी। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन अखबारों मे प्रकाशित समस्याओं पर गौर करें तो कई समस्याओं का निदान समय रहते संभव है।