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प्रवासी भारतीय की हत्यारोपी पत्नी की जमानत याचिका निरस्त

Thu, 10 Nov 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
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रमनदीप कौर
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बंडा के गांव बसंतापुर में एक सितंबर की रात में हुई भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक  सुखजीत सिंह उर्फ सोनू की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी उसकी पत्नी रमनदीप कौर की जमानत याचिका सत्र न्यायाधीश मोहम्मद फैज आलम खां ने निरस्त कर दी है। न्यायाधीश ने अपने फैसले में लिखा है कि परिस्थितिजन्य और अन्य साक्ष्यों को दृष्टिगत रखते हुए प्रकरण के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बगैर आवेदिका को जमानत पर रिहा करने का कोई युक्तिसंगत आधार नहीं है। 
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मालूम हो कि दो सितंबर को सुबह 8.40 बजे सोनू की मां वंश कौर ने बंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि ब्रिटिश नागरिकता ले चुका उनका बेटा सोनू 15 अगस्त, 2016 को अपनी पत्नी रमनदीप कौर और बच्चों के साथ बसंतापुर गांव आया था। एक सितंबर की रात में उनका बेटा, बहू और दोनों पोते ऊपर बरामदे में लेटे थे जबकि वह नीचे आंगन में लेटी हुई थीं। दो सितंबर की सुबह पांच बजे उनके पोते अर्जुन ने नीचे आकर बताया कि पापा नहीं उठ रहे हैं। वंश कौर ने ऊपर जाकर देखा तो सोनू खून से लथपथ पड़ा था। उसके गले और सिर पर वार करके हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने विवेचना में पाया कि रमनदीप अपने पति सोनू की नशे की आदत से परेशान थी और पंजाब के कपूरथला निवासी सोनू के दोस्त गुरप्रीत सिंह उर्फ मिट्ठू से उसने पति के नशे की लत छुड़ाने को कहा था। इसी दौरान मिट्ठू और रमन में प्यार हो गया। एक सितंबर को रमन ने ही मिट्ठू को पंजाब से बसंतापुर बुलाया और रात में उसे अपने घर आने दिया। रमन की मदद से मिट्ठू ने हथौड़ा और चाकू से वार करके सोनू की हत्या कर दी। दोनों ने पुलिस को दिए बयान में अपने जुर्म का इकबाल किया। मिट्ठू की निशानदेही पर पुलिस ने आला कत्ल भी बरामद किया। सत्र न्यायाधीश के समक्ष जमानत याचिका के पक्ष में तर्क देते हुए रमनदीप कौर के वकीलों ने कहा कि एफआईआर अज्ञात में दर्ज की गई। सोनू की कृषि भूमि को लेकर कोई रंजिश थी। इसके चलते ही उसकी हत्या की गई। इस प्रकरण को मीडिया के हाईलाइट करने पर सोनू की पत्नी को ही मुख्य आरोपी बना दिया गया। यह भी तर्क दिया कि रमनदीप ब्रिटिश नागरिक है और दुर्भाग्यवश वह उसी घर में थी जिसमें उसके पति की हत्या हुई। पूरे प्रकरण में आईपीसी की धारा 302 के तत्व विद्यमान नहीं हैं। सरकारी वकील वंशीलाल ने इसका खंडन किया। कहा, रमनदीप के नौकर रामदास ने उसे और मिट्ठू को अश्लील हरकतें करते एवं आपत्तिजनक हालत में देखा। यही नहीं, मृतक के पड़ोसी गुरमेज, मलकीत सिंह और अमर सिंह ने भी सोनू की गैरहाजिरी में दोनों को आपस में हाथ में हाथ डालकर घूमते एवं अश्लील हरकतेें करते हुए आपत्तिजनक हालत में देखा था। हत्या के बाद मिट्ठू देश छोड़कर भागने वाला था। उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से पुलिस ने गिरफ्तार किया। धारा 161 के तहत दर्ज बयान में भी इन तथ्यों का उल्लेख है। दोनों पक्षों एवं पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, तथ्य और विधिक दस्तावेजों के अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका निरस्त करने का फैसला सुनाया।
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