बृहस्पतिवार को बरेली से पैरोल पर रिहा हुए बंडा के गांव बरीबरा निवासी टांडा बंदी बरियाम सिंह शुक्रवार को कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया से मिलने लखनऊ रवाना हो गया। बताते चलें कि कारागार मंत्री के प्रयास से ही बरियाम सिंह को एक माह की पैरोल मिली है।
बंडा के गांव बरीबरा निवासी बरियाम सिंह को 90 के दशक में पकड़ा गया था। अलग खालिस्तान की मांग करने के आरोप में उसे टाडा के तहत बंदी बनाया गया था। न्यायालय ने बरियाम सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बरियाम सिंह 25 वर्ष से अधिक समय से जेल में थे। पंजाब सरकार उनकी रिहाई की मांग काफी समय से कर रही थी। प्रदेश सरकार ने भी उनकी रिहाई की सिफारिश की थी। गृह मंत्रालय ने भी बरियाम सिंह की रिहाई की इजाजत दी थी। प्रदेश के कारागार मंत्री ने बरेली सेंट्रल जेल में बरियाम सिंह से मुलाकात की थी। इससे बरियाम सिंह की रिहाई की अटकलें तेज हो गई थीं।
बृहस्पतिवार को बरियाम सिंह को एक माह के पैरोल पर छोड़ दिया गया। यह पैरोल उसे मकान की मरम्मत कराने के लिए दी गई है। जेल से रिहा होने केे बाद बरियाम सिंह बरेली में एक रिश्तेदार के यहां पहुंचे और शुक्रवार सुबह चार बजे बंडा पहुंचे। पत्नी सुरेंद्र कौर पति को घर पर देख खुशी से रो पड़ी। थोड़ी देर आराम करने के बाद बरियाम सिंह अपने दामाद मंगा सिंह, पुत्र जगदीश सिंह, जसविंदर सिंह और अन्य रिश्तेदारों के साथ पैरोल दिलाने में मदद करने के लिए कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया का शुक्रिया अदा करने लखनऊ रवाना हो गया। घर पर मौजूद पत्नी सुरेंद्र कौर ने पति के लखनऊ जाने की पुष्टि की है। शनिवार को बरियाम सिंह बरेली में अपने रिश्तेदार के यहां भोग में भाग लेेंगे। आसपास के गांवों के तमाम लोग बरियाम सिंह से मिलने उनके घर पहुंचे, लेकिन उनके लखनऊ जाने की बात पता चलने पर वापस लौट गए।
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पति की स्थायी रिहाई की उम्मीद
पुवायां/मकसूदापुर। बरियाम सिंह को मकान की मरम्मत के लिए एक माह की पैरोल मिली है। पत्नी सुरेंद्र कौर पति के घर आने से बेहद खुश हैं। उनका उम्मीद है कि प्रदेश सरकार, कारागार मंत्री, ग्रह मंत्रालय, पंजाब सरकार और कई अन्य संगठनों की कोशिशों के चलते उसके पति को स्थायी रिहाई मिल सकेगी। उन्होंने पैरोल दिलाने में भूमिका निभाने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके पति पूरी तरह निर्दोष हैं। पति के जले जाने से उन्होंने और उनके बच्चों ने जो तकलीफें उठाई है, उसका वर्णन तक नहीं किया जा सकता है।