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घंटों ड्रामे के बीच टली किशोरी की अंतिम यात्रा

Thu, 05 Feb 2015 11:06 PM IST
देवकली।
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 बंडा थाना क्षेत्र के गांव लक्ष्मनपुर गौंटिया की शारदा नहर में मिली किशोरी के शव का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को आखिरी वक्त में टल गया। संस्कार की तैयारियों के बीच बंडा क्षेत्र के एक फार्मर ने लड़की के पूरे परिवार को दवा दिलाने के बहाने मौके हटा दिया। पुलिस और गांव के लोग शाम तक अंतिम संस्कार का इंतजार करते रहे और मां-बाप जिला मुख्यालय पर पहुंच गए। सांसद कृष्णाराज से बात होने के बाद वे लोग दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए डीएम से मिलने पहुंचे। डीएम ने एएसपी देहात व अन्य अफसरों से बात करने के बाद दोबारा पोस्टमार्टम को मना कर दिया। इसके बाद अंतिम संस्कार कराने के लिए देर रात तक वरिष्ठ अफसर पुवायां और गांव में ही डटे रहे। हालांकि परिवार वाले शुक्रवार को दिन में ही किशोरी को दफनाने की बात परिवार वाले कहते रहे।
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लक्ष्मनपुर की 16 वर्षीय लड़की शुक्रवार सुबह घर से गायब पाई गई थी। लड़की के पिता की ओर से पड़ोस के ही गंगासिंह पर पुत्री को बहला फुसलाकर भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मंगलवार दोपहर लड़की का शव नबीनगर पुल के पास शारदा नहर में पड़ा पाया गया था। बुधवार को लड़की के शव का पैनल ने पोस्टमार्टम किया, इस पैनल में खुद सीएमएस थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत होने की बात सामने आई थी। इसके बाद शव परिवार के लोगों को सौंप दिया गया था।
बृहस्पतिवार को पुलिस की मौजूदगी में लड़की का अंतिम संस्कार करने की पूरी तैयारी कर ली गई। गड्ढा आदि खोदे जाने के बाद शव को दफन करने के लिए ले जाने की तैयारी हो रही थी। इस बीच बंडा क्षेत्र का एक फार्मर मौके पर पहुंचा। उसने मृतका के पिता और मां से एकांत में बात की और दवा दिलाने की बात कहते हुए दोनों को अपनी गाड़ी से शाहजहांपुर भेज दिया। लड़की के दोनों भाई भी शव के साथ ही घर को भी खुला छोड़कर चले गए। काफी देर तक उनके वापस नहीं आने पर गांव में कानाफूसी शुरू हो गई। उधर, डीएम से मुलाकात के बाद परिवार वालों के लौटने का इंतजार पुलिस ने शुरू कर दिया। गांव में एसडीएम और सीओ ने डेरा जमा दिया। वहीं एडीएम एमएन उपाध्याय केंद्रीय सचिव के जाने के बाद पुवायां में ही रुक गए और बाद में एएसपी देहात भी आ गए। जिला मुख्यालय से लौटते वक्त परिवार वाले पुवायां में इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने को रुक गए। देर रात तक उनकी वार्ता जारी थी, वहीं गांव में एसओ रजी अहमद और पुलिस फोर्स उनके पहुंचने का इंतजार करते रहे।
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...इसलिए तैयार नहीं हुए दोबारा पोस्टमार्टम को
शाहजहांपुर। मृतका के पिता-मां व अन्य परिजन भाजपा के नरेश पांचाल व अन्य के साथ डीएम शुभ्रा सक्सेना से मिलने पहुंचे। डीएम ने उन्हें एएसपी श्रीकृष्ण श्रीवास्तव के पास भेज दिया। इसके बाद एएसपी से भी डीएम ने बात की। एएसपी ने डीएम को बताया कि पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया है और उसमें महिला डॉक्टर भी मौजूद थीं। पोस्टमार्टम की वीडियाग्राफी भी कराई गई है। यदि एक डॉक्टर ने पोस्टमार्टम किया होता तो पैनल से पोस्टमार्टम पर विचार किया जा सकता था, लेकिन पहले से ही पैनल के पोस्टमार्टम करने के कारण दोबारा पोस्टमार्टम कराने का कोई औचित्य नहीं बनता है। एएसपी के इन तर्कों के बाद डीएम ने भी मना कर दिया। वहीं एएसपी ने समझाकर घर वालों को लौटा दिया। एएसपी का कहना है कि मामले को हत्या की धारा में तरमीम किया जा चुका है, इसलिए इससे ज्यादा क्या बचता है।

परिवार सहित गायब गंगासिंह का नहीं लगा पता
देवकली। लड़की को भगाने में आरोपी गंगासिंह पहले से ही गायब था। लड़की का शव मिलने के बाद से उसके परिवार के लोग भी कहीं चले गए हैं। पुलिस ने उनकी तलाश में कई जगह पर दबिश दी लेकिन कोई पता नहीं चल सका है। गंगासिंह की दादी जमुना देवी का आरोप है कि बृहस्पतिवार को पुलिस ने गंगासिंह के घर में तोड़फोड़ भी की। एसओ रजी अहमद ने बताया कि गंगासिंह की तलाश चल रही है। तोड़फोड़ का आरोप गलत है।
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