मोबाइल पर टेलीकॉम कंपनी की तरफ से मोटा इनाम निकलने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का सर्विलांस टीम और मदनापुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के सरगना समेत दो सदस्यों को कानपुर से गिरफ्तार किया गया है। यह लोग झांसे में फंसने वाले व्यक्ति की एटीएम कार्ड और बैंक एकाउंट डिटेल ले लेते थे। अपने बताए एकाउंट नंबर में इनाम में निकलने वाली राशि का दस प्रतिशत रुपया जमा करा लेते थे। इसके बाद इनाम बढ़ने का झांसा देकर रुपये जमा कराते रहते थे। साथ ही ग्राहक के द्वारा बताए गए एटीएम कार्ड डिटेल से ऑन लाइन शापिंग करते थे। इनके पास से 95 बैंकों के खातों का डेटा बरामद हुआ है।
एसपी बबलू कुमार ने बताया कि थाना मदनापुर क्षेत्र के गांव रजपुरी रहने वाले कुलविंदर सिंह ने 26 जुलाई 2015 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने थाने में दी तहरीर में बताया था कि 13 फरवरी 2015 को उनके मोबाइल पर एक फोन आया। उधर से बोलने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह एयरटेल कंपनी से बोल रहा है और उसका 2,51,000 रुपये का इनाम निकला है। इसके लिए उसे टैक्स के रूप में 10 हजार अपने एकाउंट में जमा करना पड़ेंगे। साथ ही एटीएम कार्ड, पिन नंबर, पांच फोटो, पासबुक की छायाप्रति को कानपुर के नौरेया खेड़ा में विनय शर्मा के डीटीडीसी कोरियर भेजने की बात कही। विश्वास में लेने के लिए एक आरबीआई के अधिकारी बताकर बात भी कराई। इसके बाद कुलविंदर सिंह को विश्वास हो गया और उसने समस्त डिटेल बताए गए पते पर भेज दी। कुछ दिनों बाद कुलविंदर के पास फिर उस व्यक्ति का फोन आया उसने इनाम बढ़ने का झांसा दिया। इस तरह से कुलविंदर उसके एकाउंट में करीब दस लाख रुपये जमा करा चुका था, जिसे एटीएम के माध्यम से दूसरी ओर से निकाला जाता था। बाद में कुलविंदर सिंह के पास फोन आने बंद हो गए और जिस नंबर से कॉल आती थी वह भी स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद कुलविंदर को ठगे जाने का एहसास हुआ। कुलविंदर सिंह की तहरीर पर थाना मदनापुर में धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। नेटवर्किंग के जरिए लोगों से ठगी होने के मामले को देखते हुए एसपी बबलू कुमार ने स्वयं मॉनीटरिंग करते हुए सर्विलांस सेल के प्रभारी एसआई रजी अहमद, मदनापुर एसओ रविंद्र प्रताप सिंह समेत साइबर सेल की संयुक्त टीम को मामले के खुलासे के लिए लगाया। टीम ने गहनता से मामले की जांच करते हुए गैंग का पता लगा लिया। ठगी गैंग ने धनराशि से ऑनलाइन वॉलेट के माध्यम से विभिन्न मोबाइल नंबर और डिश टीवी के रिचार्ज किए और एटीएम से रुपये निकाले थे। यह गैंग कानपुर का रहने वाला था। एसपी के निर्देश पर सात जुलाई को कानपुर एक टीम रवाना की गई। टीम ने गैंग के सरगना राहुुल और उसके साथी धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। राहुल कानपुर के थाना घाटमपुर क्षेत्र के गांव रठगांव और धर्मेंद्र यहीं के थाना अकबरपुर क्षेत्र के गांव चिनारा के रहने वाला है। इनके पास से एक लैपटॉप, दो मोबाइल, 34 प्री एक्टिवेटिड सिम, एक बाइक, एक एलसीडी टीवी बरामद हुई है। इनके साथी शुभम उर्फ विनय शर्मा और सनू उर्फ कल्लू निवासी रठगांव फरार हैं। पुलिस की टीम इन दोनों को तलाश कर रही है।
पकड़े गए राहुल और धर्मेंद्र बीएससी के छात्र
एसपी बबलू कुमार ने बताया कि कानपुर के गांव रठगांव में ज्यादातर नवयुवक मोबाइल से ठगी करने के धंधे जुड़े हैं। यह लोग पढ़ाई करने के साथ नेटवर्किंग के माहिर हैं। लैपटॉप के माध्यम से यह लोगों से किसी भी कंपनी की एक सीरीज पकड़कर बात करते थे। जो लोग इनके झांसे में आ जाते हैं उन लोगों से यह लोग मोटी रकम ऐंठते हैं। काम पूरा होने के बाद मोबाइल का वह सिम फेंक देेते हैं। राहुल और अशोक दोनों बीएससी के छात्र हैं। दोनों ने बताया कि ठगी से मिलने वाली रकम से इन लोगों ने अपने मकान बना लिए हैं।
ऑनलाइन शॉपिंग से सामन खरीदकर बेच देते थे
राहुल औैर धर्मेंद्र ने बताया कि झांसे में फंसने वाले व्यक्ति एटीएम और बैंक संबंधित सारी जानकारी लेकर ऑन लाइन वॉलेट बनाकर एटीएम से धनराशि वॉलेट में ट्रांसफर कर मोबाइल/ डिश रिचार्ज को दुकानदारों को 75 प्रतिशत में बेच देते थे। इसके साथ ही ऑनलाइन शॉपिंग से मंहगी वस्तु मंगाकर गांव और रिश्तेदारों को कम दामों पर बेच देते थे।
ठगों से बचने के टिप्स
एसपी बबलू कुमार ने मोबाइल के द्वारा होने वाली ठगी से बचने के लिए कुछ उपाए बताए-
1. इनाम के झांसे में कभी भी न आएं। कोई भी कंपनी मोबाइल के माध्यम से इनाम की घोषणा नहीं करती। 2. किसी ग्राहक के पास इस तरीके का कोई कॉल आती है। उसे अपने एटीएम और बैंक खाते की कोई जानकारी नहीं दें। कॉल आने के तुरंत बाद अपने बैंक खाते को चेक करें।
3. एटीएम से रुपये निकालते समय कोई दूसरा व्यक्ति साथ में नहीं हो और अपना पिन नंबर किसी को नहीं बताएं।