दहेज में बाइक और सोने का लाकेट न दिए जाने से आक्रोशित ससुरालियों ने विवाहिता को लाठी-डंडों से जमकर पीटा। घायल अवस्था में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। उसके पिता ने पांच ससुरालियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पीलीभीत के थाना बिलसंडा के गांव करेली निवासी श्याम बहादुर की पत्नी शुशीला ने निगोही थाने पर दी तहरीर में कहा कि उसने अपनी पुत्री मंथरा देवी की शादी हिंदू रीतिरिवाज से चार वर्ष पूर्व शाहजहांपुर थाना निगोही के गांव टिकरी निवासी भिखारीलाल के पुत्र सत्यपाल से की थी। अपनी हैसियत के हिसाब से दहेज भी दिया। उसके द्वारा दिए गए दहेज से पति सत्यपाल चचेरा देवर धर्मपाल, उसकी पत्नी सुमन, सिंधौली थाने के गांव चिकुलिया निवासी रिश्तेदार लालबहादुर के पुत्र प्रमोद और अमर सिंह संतुष्ट नहीं थे। मंथरा के ससुराल वाले आए दिन दहेज में बाइक और सोने की लाकेट की मांग पर कर रहे थे। उनका कहना था बाइक व लाकेट देने पर ही घर में रहने देंगे। आरोप लगाया कि 15 अक्टूबर को इन पांचों लोगों ने उनकी पुत्री मंथरा को लाठी डंडों से जमकर पीटा। घायल अवस्था में मंथरा को उसके मायके डाल में डाल गए। गंभीर रूप से घायल मंथरा को उपचार के लिये जिला चिकित्सालय भेजा गया। वहां 24 घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मंथरा के शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया। निगोही पुलिस ने मंथरा के पति सत्यपाल सहित पांच लोगों के विरुद्ध दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली।