क्षेत्र के भूड़खेड़ा के मंजेश सिंह की हत्या का तानाबाना मुख्य आरोपी हरपाल ने जेल के अंदर ही बुन लिया था। जेल से छूटने के बाद उसे बस मौके की तलाश थी। मुख्य आरोपी हरपाल को तो पुलिस ने रविवार को ही गिरफ्तार लिया था। दूसरे आरोपी रंजीत को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
बता दें कि गांव भूड़खेड़ा के रहने वाले मंजेश सिंह को गांव के हरपाल ने अपने भाई जयपाल, बेटे विनोद और रंजीत के साथ मिलकर शनिवार को लाठी-डंडे से पिटाई करके मरणासन्न कर दिया था। बरेली इलाज के लिए ले जाते वक्त मंजीत की रास्ते में ही मौत हो गई थी। इस हत्या पीछे मंजेश सिंह के खेत की ओर आरोपियों द्वारा जबरन दरवाजा लगाने का विवाद सामने आया था। पीड़ित की शिकायत पर प्रशासन द्वारा दरवाजा बंद करवा दिये जाने के बावजूद आरोपियों ने उसे दबंगई दिखाते हुए जबरन दोबारा खोल लिया था। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी हरपाल के खिलाफ अवैध कब्जेदारी का मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने हरपाल को पकड़कर उसका शांतिभंग की धारा में चालान कर दिया था। कोर्ट ने हरपाल को जमानत नहीं दी, उसे जेल भेज दिया गया था। हरपाल ने जेल में रहकर ही मंजेश की हत्या का तानाबाना बुन डाला। चार दिन बाद जब वह जेल से छूटकर आया तो वह मौके की तलाश में रहने लगा। आखिर में शनिवार को जब मंजेश बाइक से गांव लौट रहा था कि उसने अपनी साजिश को अंजाम दे डाला। उधर, पुलिस ने दूसरे आरोपी रंजीत को भी सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है।