विधान परिषद के चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा धन बल का प्रयोग किए जाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चारों तहसीलों में मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिए हैं। नायब तहसीलदारों के नेतृत्व में गठित सभी उड़नदस्ता टीमों में तीन-तीन पुलिस कर्मचारी भी नियुक्त करके उन्हें मतदान की समाप्ति तक सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है।
पुवायां तहसील मेें नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को मजिस्ट्रेट नामित करके उनके साथ एसआई रामकृष्ण कठेरिया, कांस्टेबिल उदयवीर सिंह व सुरेश चंद्र को संबद्ध किया गया है। इसी तरह सदर तहसील में नायब तहसीलदार संजय कुमार के साथ एसआई सुनील कुमार त्रिपाठी, कांस्टेबिल हरिकेश सिंह व राजेंद्र सिंह, जलालाबाद तहसील में नायब तहसीलदार श्यामवीर सिंह के साथ एसआई नासिर खां, कांस्टेबिल खालिद अली व प्रीतम दत्त शर्मा और तिलहर तहसील में नायब तहसीलदार राजेश्वर सिंह यादव की टीम में एसआई अनुज कुमार तिवारी, कांस्टेबल रामनरेश और श्यौवीर को शामिल किया गया है।
डीएम के अनुसार यह सभी टीमें मतदान समाप्त होने तक कार्यरत रहेंगी और इस दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी शिकायतों पर कार्यवाही करने को स्वतंत्र होगी। सभी टीमों को प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की प्रमुख रैलियों, सार्वजनिक बैंकों और अन्य बड़े खर्चों वाले आयोजनों की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए हैं। मतदाताओं को डराने-धमकाने के लिए गोला-बारूद की खरीद और उन्हें रिश्वत देने के उद्देश्य से भारी मात्रा में नगदी लाने-ले जाने पर कड़ी नजर रखने के साथ ऐसी शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही करने के टीम प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं।