विक्रेताओं में मचा हड़कंप, माल समेटकर खिसके
होली के मौके पर दूध और उससे बनी मिठाइयों की खपत बढ़ने के साथ मिलावट का धंधा भी तेज हो गया है। मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए डीएम कर्ण सिंह चौहान के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने केरूगंज की खोया मंडी मेें छापा मारने के साथ खाद्य वस्तुओं की सैंपलिंग का अभियान शुरू किया। छापेमारी के दौरान खोया विक्रेताओं में हड़कंप मच गया और तमाम विक्रेता अपनी डलियां समेटकर खिसक लिए। इस दौरान अधिकारियों ने खोया के चार नमूने जांच को सील किए।
होली पर घर आने वाले मेहमानों का स्वागत बहुधा मिठाइयां और गुझिया खिलाकर किया जाता है। गुझिया के भरावन में मेवा के साथ मावा इस्तेमाल होने से बाजार में दूध से लेकर खोया, पनीर आदि उत्पादों की मांग भी बढ़ जाती है। मांग की तुलना में दुग्ध उत्पादन नहीं होने से विक्रेता दूध में पानी के साथ खोया में आलू, शकरकंद, मैदा आदि की मिलावट शुरू कर देते हैं। मिलावटी दुग्ध उत्पादों से बनी वस्तुएं खाने से लोगों को कब्ज, बदहजमी, डायरिया, पेंचिस आदि बीमारियां जकड़ लेती हैं।
इस बार भी होली नजदीक आने के साथ बाजार में खोया की मांग बढ़ने के साथ उसमें मिलावट की शिकायतें भी बढ़ने लगीं। इसे देखते डीएम चौहान के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग बुधवार से सक्रिय हो गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीपी सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम दोपहर बाद केरूगंज खोया मंडी पहुंची तो वहां मौजूद विक्रेताओं में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों क्षेत्रों से आए कई विक्रेता खोया से भरी डलियां लेकर पड़ोस की गल्ला मंडी वाली गली में जा छिपे।
इस बीच अधिकारियों की टीम ने खोया मंडी में मौजूद मिले बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के गांव कुड़रा निवासी हरिश्चंद्र सिंह, गढ़िया रंगीन क्षेत्र के गांव सहोरा निवासी अवधेश कुमार, बरेली जिले के फतेहगंज पूर्वी थानांतर्गत गांव कादरगंज निवासी प्रताप सिंह और जलालाबाद के मोहल्ला बगिया के रहने वाले नन्हें राठौर से खोया के नमूने सील किए।
सीएफओ डीपी सिंह के अनुसार सभी नमूने जांच के लिए राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला भेजे जाएंगे और वहां से प्राप्त होने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। छापा डालने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जुगुल किशोर, शंभू दयाल, जयपाल सिंह, रामजी शुक्ला आदि शामिल रहे।