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मानपुर गांव में दो घरों में आठ लाख का डाका

Sun, 14 Feb 2016 08:07 PM IST
अमर उजाला, शाहजहांपुर
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थाना क्षेत्र के गांव मानपुर निवासी मेवाराम ने पुलिस को बताया कि शनिवार की रात करीब दो बजे एक बदमाश दीवार फांदकर उनके घर में घुसा और अंदर से बंद दरवाजे को खोल दिया, जिससे करीब दर्जन भर बदमाश असलाहे लेकर उसके घर में घुस आए।
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बदमाशों ने घर में घुसते ही उसके बेटे विजय वर्मा के सीने पर तीन बदमाशों ने उनके घर की महिलाएं सुधा, कल्पना, रीता, आरती और पूजा को बंधक बनाकर उनको एक कमरे में बंद कर दिया। साथ आए बदमाशों ने उनके तीन कमरों में रखी अलमारी और बक्सों के ताले तोड़कर करीब 18 हजार की नगदी और सात लाख के जेवर आदि लूट ले गए।
मेवाराम के घर से निकलते हुए बाहर से दरवाजे पर कुंडी डाल दी फिर बदमाशों ने पड़ोस में रह रहे सेवाराम के घर का दरवाजा तोड़ दिया और इनके घर भी बदमाशों ने तमंचे के बल पर पांच हजार की नगदी और उसकी पत्नी मीरा देवी के कानों के कुंडल, मंगलसूत्र और पायलों सहित करीब एक लाख का माल जेवर लूट ले गए।
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घटना की सूचना पर सीओ सदर अनुराग दर्शन और प्रभारी निरीक्षक रूपेंद्र गौड़ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। इस मामले में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ  रिपोर्ट दर्ज कर पड़ताल की जा रही है।

मानपुर गांव की सुधा ने बताया कि बदमाशों ने घर में घुसते ही असलाहों के बल पर सबको कब्जे में कर लिया और बार-बार गैस सिलेंडर खोलकर आग लगाने की धमकी दे रहे थे। घटना के समय उसके पति महेंद्र घर पर नहीं थे जबकि उसे ससुर पड़ोस के बग्गर में सो रहे थे।  बदमाशों ने किसी को हिलने तक नहीं दिया। --सुधा, पीड़ित मानपुर

घर में घुसते ही एक बदमाश ने मेरे सीने पर रायफल टेक दी, जिसके निशान मेरे सीने पर बने हुए हैं। बदमाशों ने पहले अलमारियों की चाभी मांगी अपने पास न होने की बात कहने पर मुझे घसीटते हुए एक कमरे में बंद कर दिया और धमकाया कि बोला तो गोली से उड़ा दूंगा। -- विजय वर्मा, प्रत्यक्षदर्शी पीड़ित मानपुर

हमारे हाथ को पकड़कर एक बदमाश ने अभद्रता की और गोली मारने की धमकी दी। मेरे गले का मंगलसूत्र और पैरोयं की पायलों को बदमाशों ने लोहे के प्लास काटा है। इससे मेरे पैरों में चोटे के निशान से पड़े हैं। -- रीता, पीड़िता मानपुर

घर में घुसे बदमाशों में एक मोटा एक लंबा और एक ठिगना कद था। सभी अपने चेहरे पर ढके हुए थे, जिनकी उम्र करीब 20 से 35 साल के बीच लग रही थी। सभी के पास तमंचे के अलावा प्लास कटर आदि औजार भी थे। -- कल्पना, प्रत्यक्षदर्शी, मानपुर

बदमाशों ने सेवाराम के घर को लूटने के बाद मेरे घर का दरवाजा तोड़कर घर में घुसे मजदूरी में मिले पांच हजार की नगदी के अलावा मेरे कानों के कुंडल,  पायल, मंगलसूत्र सहित करीब एक लाख का माल लूट ले गए है। -- मीरा देवी, दूसरे मकान की पीड़िता मानपुर

मानपुर में जो घटना हुई है पहले तो चोरी होने की बात बताई गई थी। बाद में लूट बताई जाने लगी है। मामला संदिग्ध लग रहा है फिर भी एहतियात के तौर पर घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर रोजा में रिपोर्ट दर्ज हो रही है। -- अनुराग दर्शन, सीओ सदर

कहीं घुमंतू गैंग के लोग तो नहीं कर रहे हैं वारदात!
रोजा। चार दिनों में दूसरी बार डकैती की घटना से क्षेत्र में कोहराम मच गया है। इन घटनाओं के पीछे किसी घुमंतू गैंग के आसार नजर आ रहे हैं।
बता दें कि 10 फरवरी को नौगवां के सेवाराम के घर बदमाशों ने पूरे कुनबे को बंधक बनाकर करीब छह लाख के जेवर और नगदी लूटी थी। इसी तर्ज पर शनिवार रात मानपुर गांव के दो घरों को निशाना बनाया गया है। दोनों घटनाओं में समरूपता देखी गई है। दोनों ही घटनाओं में गांव के किनारे बने मकानों को निशाना बनाया गया है, जिससे पुलिस का शक घुमंतू गिरोह की तरफ जा रहा है। अभी यह साफ नही हो पाया कि इस घटना के पीछे किस का हाथ, लेकिन इतना साफ है कि गिरोह के बदमाश पहले घर में घुसते ही मोबाइलों को अपने कब्जे में लेते फिर घर के हर सदस्य को बंधक बनाकर इत्मीनान से अपने काम को अंजाम देते हैं।

फास्ट पुलिसिंग के लिए जीतना होगा जनता का भरोसा  
रोजा पुलिस के पास तेज तर्रार थानेदार और सिपाहियों का अकाल
राजेश वाजपेयी
रोजा। क्षेत्र में बढ़ रही अपराधिक घटनाओं के कारण पुलिस इन दिनों बैकफुट पर है, जिसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि इन दिनों रोजा पुलिस के पास तेज तर्रार थानेदारों का अभाव है पुलिस के जवान भी तैनाती के सापेक्ष में कम मात्रा में है। गांव के चौकीदार बूढ़े हो चुके है वह गांव की हर घटनाओं पर नजर नही रख पातेेेे नियमित पिकेट नही लगायी जाती काम के बोझ के तले थानेदारो को अपने इलाके में भ्रमण की फुर्सत नही मिल पाती। इतना ही नही पहले की पुलिसिंग मे गांव सुरक्षा समितियों का गठन कर उनको क्रियाशील किया जाता था जो अब देखने को नहीं मिलती पुलिस और जनता के बीच तालमेल का अभाव है इसलिये पुलिस को जनता का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है रोजा की पुलिस में आपसी तालमेल का अभाव भी दिख रहा है। यदि अपराध को नियंत्रण करना है तो फास्ट पुलिसिंग के पुराने हथकंडों के साथ साथ तकनीकी पुलिसिंग पर काम करने की जरूरत है।
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