बुधवार दोपहर कांवड़ ड्यूटी पर लगे होमगार्ड को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। फौरन ही उसे पुलिस की जीप से सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस अनहोनी से घरवालों का रो रोकर बुरा हाल हो गया है।
क्षेत्र के गांव रामपुर वैन का निवासी 48 वर्षीय शिवराम कुशवाहा होमगार्ड पद पर था। कांवड़ यात्रा को लेकर उसकी ड्यूटी लगाई गई थी, जिसको लेकर वह कोतवाली आए और ड्यूटी समय होने के इंतजार में अन्य साथियों के साथ कोतवाली की पुरानी बिल्डिंग में बातचीत करने लगे। दोपहर करीब 12 बजे होमगार्ड कमाडेंट नेमपाल वहां आ गए, जिन्हें वहां मौजूद सभी ने सैल्यूट किया। इसी दौरान अचानक शिवराम गिर पड़े तभी अन्य साथी पानी लेकर आए और उन्हें पिलाया, लेकिन तबियत में सुधार न होने पर आनन-फानन में सरकारी गाड़ी से पुलिसकर्मी उन्हें लेकर नगरिया अस्पताल भागे, जहां डाक्टरों ने उन्हें चेक करने के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिवार में पत्नी बताशो देवी के अलावा एक विवाहित पुत्री और तीन पुत्र हैं।
पांच माह के अंदर इस तरह की तीसरी घटना
कोतवाली में हार्टअटैक से पुलिसकर्मी के मरने की यह तीसरी घटना है। खास बात यह है कि तीनों घटनाओं में कई समानताएं हैं। पांच महीने के अंतराल में इस तरह की हुई घटनाओं को लेकर न केवल तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, बल्कि इससे पुलिसकर्मी भी खौफजदा नजर आ रहे हैं। पहली घटना आठ मार्च की है। इस दिन शाम के वक्त अपनी विवरण पुस्तिका भर रहे ड्राइवर सिपाही रामभुवन प्रजापति की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। स्टाफ के लोग अभी इस घटना को भुला भी न पाये थे कि बीती 27 जुलाई की रात करीब आठ बजे दरोगा मनीराम कश्यप की उस समय हार्टअटैक से मौत हो गई जब वह नहा रहे थे। इस घटना को एक सप्ताह ही बीता था कि होमगार्ड के साथ भी वैसी ही पुनरावृत्ति हो गई। इन घटनाओं में समानता की बात करे तो मरने वाले तीनों पुलिसकर्मी हादसे के वक्त कोतवाली की पुरानी बिल्डिंग में मौजूद थे। यही नहीं हार्टअटैक के बाद तीनों कर्मियों की मौत आने में कोई वक्त नहीं लगा, जबकि तीनों को दस से 15 मिनट के अन्तराल में अस्पताल पहुंचा दिया गया था। बुधवार को होमगार्ड की मौत भी पुराने कोतवाली के परिसर में ही हुई।