बसंती के पति ने पुवायां अस्पताल में तैनात डॉ. रेणू मीणा और स्टाफ पर लापरवाही बरतने और इस कारण पत्नी की मौत होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि डॉक्टर, पत्नी में खून की कमी होने की बात कह रहे थे, लेकिन यदि ऐसी स्थिति थी तो रात में ही पत्नी को जिला अस्पताल रेफर किया जाना चाहिए था, जिससे ब्लड की व्यवस्था कर पत्नी की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन डॉक्टरों ने ऐसा नहीं किया। इसके साथ ही डॉक्टर ने ब्लीडिंग शुरू होने के बाद करीब आधा घंटा तक उसकी पत्नी को रोके रखा, जिससे उसकी हालत अधिक बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के मेमो के आधार पर पुलिस ने बसंती देवी का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। रामरतन ने बताया कि उसने पुलिस से कार्रवाई की मांग तो पुलिस ने पुवायां कोतवाली में तहरीर देने को कहा है। मृतका के बच्चे की हालत ठीक है।
प्रसूता की मौत से महिला अस्पताल में मचा हड़कंप
बसंती की मौत से महिला अस्पताल में तैनात स्टाफ के हाथपैर फूल गए हैं। आनन-फानन में सीएमएस डॉ. केशव स्वामी मृतका के परिवार वालों को समझाने पहुंच गए। उन्होंने रामरतन को हरसंभव मदद कराने का आश्वासन दिया। रामरतन पहले शव को डिलीवरी रूम से उठाने को तैयार नहीं था। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने रामरतन को समझा-बुझाकर शव को मॉर्च्यूरी में रखवाया। देर शाम तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। रामरतन डीएम की परमीशन लेकर पोस्टमार्टम कराने के प्रयास में लगा हुआ है।
लापरवाही का आरोप निराधार
बसंती देवी बुधवार रात को अस्पताल लाई गई थीं। उनके शरीर में खून की कमी थी। बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे नार्मल डिलीवरी हुई। इसके बाद ब्लीडिंग होने लगी तो प्रसूता को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लापरवाही का आरोप निराधार है।
- डॉ. रेणू मीणा सीएचसी पुवायां