बंडा (शाहजहांपुर)।चुनावी रंजिश में गांव भौरखेड़ा जिगनिया के प्रधान 52 वर्षीय देवनरायन गंगवार की अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी। प्रधान के भाई की तहरीर पर पुलिस ने समाजवादी पार्टी के जिला सचिव समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। घटना के बाद गांव में तनाव है। उन्होंने छह महीने पहले ही अपनी हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस और अधिकारियों को पत्र दिए थे लेकिन सपा नेता पर आरोप होने के कारण पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
गांव भौरखेड़ा जिगनिया निवासी रोशनलाल ने बताया कि उनके प्रधान भाई देवनरायन मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे घर में बैठे थे तभी दो बाइक से चार युवक पहुंचे। दो युवक बाइक स्टार्ट किए उन पर बैठे रहे, जबकि दो घर के अंदर घुस आए और देवनरायन को आवाज दी। वह जैसे ही घर से निकले एक युवक ने तमंचे से उन्हें गोली मार दी। गोली लगते ही वह गिर गए और हमलावर भाग निकले। गोली की आवाज सुनकर देवनरायन के घर के बाहर खड़े लोगों ने बाइक से हमलावरों का पीछा किया, लेकिन वे पकड़ में नहीं आए। घरवाले प्रधान को बंडा के सरकारी अस्पताल लाए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई कृष्ण कुमार गंगवार और रोशन लाल ने हत्या की वजह प्रधानी के चुनाव की रंजिश बताई है। रोशन लाल की ओर से सपा के जिला सचिव गांव मोहद्दीनपुर के राजीव गंगवार के अलावा अपने गांव के अनिरुद्ध वर्मा, लालता वर्मा, अशोक, अभिमन्यु, भीमसेन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उधर, राजीव गंगवार का कहना है कि घटना के समय वह बंडा थाने में पीस कमेटी की बैठक में थे। उन पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। सूचना पर एएसपी रमेश कुमार भारतीय ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल कर पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। बताया जाता है कि प्रधानी के चुनाव में अनिरुद्ध वर्मा भी मैदान में थे, तभी से रंजिश चल रही है। देवनरायन पिछले तीन बार से गांव के प्रधान थे। इसके पहले उनके बड़े भाई जयंती प्रसाद तीन बार ग्राम प्रधान चुने गए थे।
हत्यारों के मददगार भी थे गांव में मौजूद
गांव भौरखेड़ा जिगनिया में प्रधान की हत्या करने आए चार युवकों के मददगार गांव के बाहर बाइक लिए मौजूद थे। गांव के लोगों के अनुसार हत्या कर भाग रहे युवकों का पीछा किया गया तो दो संदिग्ध लोग गांव के बाहर बाइक पर मिले। लोगों को हत्यारों का पीछा करते देख गांव के बाहर मौजूद बाइक सवार युवक ने इसमें बाधा डाली और बाद में तेजी से बाइक भगाते हुए गांव देवकली की ओर भाग गए।
सपा नेता का नाम आते ही फूले पुलिस के हाथ पांव
पुलिस ने काफी जद्दोजहद के बाद बमुश्किल दर्ज की रिपोर्ट
गांव भौरखेड़ा जिगनिया के प्रधान देवनरायन की हत्या में सपा नेता राजीव गंगवार का नाम आते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गए। कई घंटे तक पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय इस मशक्कत में जुटी रही कि सपा नेता का नाम तहरीर से हट जाए। पुलिस का रवैया देख परिवार के लोग आक्रोशित हो उठे। इसके बाद भी बंडा पुलिस ने पूरा फोकस इस बात पर रखा कि शव पोस्टमार्टम के लिए चला जाए, इसके बाद रिपोर्ट दर्ज की जाए। ताकि सपा नेता का नाम तहरीर से हटवाया जा सके, लेकिन परिवार के लोगों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं होने तक शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने से इंकार कर दिया। तब कहीं पुलिस को मजबूरन रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी।
प्रधान ने छह महीना पहले ही जताई थी हत्या की आशंका
पुलिस अधिकारी यदि प्रधान देवनरायन की ओर से दो महीना पहले दिए गए प्रार्थनापत्र पर गौर कर लेते तो हो सकता है उनकी जान बच जाती, लेकिन सत्ता की तरफदारी में लगी पुलिस देवनरायन के पत्र पर चुप्पी साधे रही।
देवनरायन गंगवार के कोई संतान नहीं है। उनकी पत्नी माया देवी ने बताया कि दो महीना पहले गांव के कुछ लोग उनके पति की हत्या की योजना बना रहे थे। देवनरायन गांव में काफी लोकप्रिय थे और छोटे-मोटे रोगों का इलाज भी करते थे। रुपये नहीं होने पर भी वह लोगों को इलाज से मना नहीं करते थे। लोकप्रियता के चलते ही वह और उनकेे परिवार के लोग पांच बार गांव के प्रधान बने। माया देवी के अनुसार पति की हत्या की योजना बनी तो लोगों ने इसकी जानकारी उनके पति को दी। इस पर देवनरायन ने छह लोगों से जान का खतरा बताते हुए बंडा पुलिस और उच्चाधिकारियों को पत्र भेजे। पत्र में सपा नेता का नाम होने के चलते पुलिस चुप्पी साधकर बैठ गई।
मायादेवी के अनुसार कुछ दिन पहले पुवायां में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सभा से वापस आते समय उनके पति की बाइक में टक्कर मारकर रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन भीड़भाड़ के चलते टक्कर मारने वालों के मसूंबे पूरे नहीं हो सके। इसके अलावा हमलावार एक बार उनके घर भी आए थे, लेकिन घर पर ज्यादा लोग होने के कारण वह लौट गए। प्रधान देवनरायन पांच भाइयों में दूसरे नंबर के थे। बडे़ भाई जयंती प्रसाद गंगवार भी तीन बार लगातार ग्राम प्रधान रहे। उनकी मौत के बाद देवनरायन भी लगातार तीसरी बार प्रधान चुने गए थे।