कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अब्दुल्लागंज में गर्रा नदी किनारे अमरूद के बाग में 30 वर्षीय हिजड़ा घायल अवस्था में मिला। उसका धारदार हथियार से गला रेता गया है और वह बोलने की स्थिति में नहीं था। उसके हाथ में पूजा लिखा हुआ था। इसी आधार पर पुलिस ने मोहल्ला वाजिदखेल में रहने वाले पूजा (हिजड़ा)को बुलाया। उसने बताया कि घायल राजेश्वरी (हिजड़ा) उसका चेला है। करीब दो साल पहले वह उनकी टोली छोड़ गया था। वह लखीमपुर खीरी क्षेत्र थाना पसगवां क्षेत्र के गांव सल्लिया का रहने वाला है। हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। घटना की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुट गई है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मघईटोला निवासी तनवीर खां को अब्दुल्लागंज में अमरूद का बाग है। तनवीर ने बाग को अब्दुल्लागंज में रहने वाले अमरनाथ बाबा को बटाई पर दे रखा है। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे अमरनाथ ने फोन करके तनवीर को सूचना दी कि एक व्यक्ति बाग में घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। बाग पहुंचकर तनवीर ने कोतवाली पुलिस को सूचना देकर बुला लिया। इंस्पेक्टर केके तिवारी ने घायल को अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल पहुंचाया। घायल कुछ बनाने की स्थिति में नहीं था। उसके दाहिने हाथ पर पूजा किन्नर लिखा हुआ था। इसी बिना पर पुलिस ने मोहल्ला वाजिदखेल में रहने वाले पूजा (हिजड़ा) को बुलाया। पूजा ने किन्नर ने बताया कि घायल राजेश्वरी (हिजड़ा) उसका चेला था। करीब सात-आठ साल पहले वह उनके साथ रहा, लेकिन दो साल पहले उसका वह उनकी टोली छोड़कर चला गया। वह नशे का आदी हो गया था। इसी वजह से उसे टोली में रखने से मना कर दिया था। उनका साथ छोड़ने के बाद उससे कोई संपर्क नहीं हुआ। उसने बताया कि राजेश्वरी के परिवार में उसके पिता साधू होकर कहीं चले गए हैं और उसकी मां की मौत हो चुकी है। पिता के अलावा उसके परिवार में कोई नहीं है।