क्षेत्र के गांव पीरू निवासी अर्जुन मौर्य की हत्या उनकी पोती ने ही अपने मित्र के साथ गला घोंटकर की थी। घटना के दस दिन बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए हत्यारोपी गीतिका और उसके मित्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस ने गीतिका के हवाले से बताया कि अर्जुुन मौर्य चरित्रहीन था। उसने अपनी बहू से अवैध संबंध बना रखे थे। साथ ही वह गीतिका पर भी बुरी नजर रखता था। कई बार उसने गीतिका के साथ अश्लील हरकतें भी कीं। इसकी शिकायत उसने अपनी मां से की थी। 30 मई को बहू अपने पैतृक घर जौनपुर चली गई। इस दौरान घर में गीतिका, उसका भाई तथा अर्जुन मौर्य ही रह गए थे। गीतिका के अनुसार एक जून को रात करीब नौ बजे वह और उसका भाई मकान के पास ही स्थित खेत में पड़ी मड़ैया में सोने चले गए। रात दस बजे अर्जुन ने अपनी पोती गीतिका को आवाज देकर पानी लाने को कहा। आरोप है कि जब वह पानी लेकर पहुंची तो अर्जुन ने गीतिका को दबोच लिया। इससे बौखलाई गीतिका ने गांव पैंदापुर निवासी अपने मित्र पप्पू उर्फ श्रीकृष्ण को फोन करके रात में ही बुला लिया और रोते हुए उसे पूरी कहानी बताई। आरोप है कि इसके बाद उक्त दोनों ने अर्जुन को उसके किए की सजा देने का प्लान तैयार किया। रात करीब 11 बजे दोनों ने अर्जुन को दबोचकर उसी के गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इस मामले में दो जून को गीतिका ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दादा की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था।